

Gondia School Re-Opening: गोंदिया जिले की जिला परिषद (जिप) व नगर परिषद (नप) के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी स्कूलों के साथ-साथ अनुदानित, बिना अनुदानित और कायम बिना अनुदानित स्कूल मंगलवार, 30 जून से शुरू हो रहे हैं। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के पहले दिन विद्यार्थियों के आत्मीय स्वागत के लिए स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग ने पुख्ता नियोजन किया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, स्कूल के पहले दिन शिक्षाधिकारी (प्राइमरी/सेकेंडरी) सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और पदाधिकारी छात्रों का उत्साहवर्धन करने के लिए विभिन्न स्कूलों में प्रत्यक्ष उपस्थित रहेंगे।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत सरकार द्वारा जिला परिषद और अनुदानित स्कूलों में कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें वितरित की जाती हैं। इसके अंतर्गत इस वर्ष जिले के 1,25,079 विद्यार्थियों को स्कूल के पहले ही दिन कुल 6,74,745 पुस्तकें वितरित की जाएंगी। जिले में जिप और नप के दायरे में आने वाले करीब 1,039 स्कूलों के साथ ही अन्य सभी निजी स्कूल 30 जून से खुल रहे हैं, जिसके लिए शिक्षा विभाग ने 'शाला प्रवेशोत्सव' की व्यापक तैयारी की है। पहले दिन स्कूल आने वाले बच्चों का तिलक लगाकर, गुब्बारे और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया जाएगा।
गोंदिया जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के निजी स्कूलों व कान्वेंट में भी प्रवेशोत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शिक्षकों ने पहले दिन को यादगार बनाने के लिए कई तरह के मनोरंजक व प्रेरणादायी कार्यक्रमों का आयोजन किया है। नए सत्र के स्वागत में स्कूलों की रंगाई-पुताई और आकर्षक सजावट की गई है।
विशेष रूप से, पहली कक्षा में कदम रखने वाले नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों का एक अलग और अनूठे तरीके से स्वागत करने का खाका तैयार किया गया है। सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति (चहल-पहल) बढ़ाने और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की दिशा में जिला परिषद लगातार प्रयासरत है। इस नए शैक्षणिक सत्र में जिले के 1,039 स्कूलों में कुल 11,791 बच्चों को पहली कक्षा में प्रवेश दिया जा रहा है।
शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही पहले ही दिन विद्यार्थियों को उनके सही नाप के गणवेश (स्कूल यूनिफॉर्म) और जूते उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। स्कूल शिक्षा विभाग के इस कल्याणकारी निर्णय से जिले के 69,719 विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। इस निःशुल्क गणवेश योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन की पूरी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) को सौंपी गई है। इसके लिए आवश्यक वित्तीय निधि और सामग्री स्कूलों तक पहुंचा दी गई है।
लंबी छुट्टियों के बाद एक बार फिर स्कूल शुरू होने को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। अपने पुराने मित्रों से दोबारा मिलने, नई कक्षा में बैठने और शिक्षा का नया पाठ पढ़ने के लिए बच्चे नए बैग और नई किताबों के साथ स्कूलों में आने के लिए पूरी तरह तैयार और बेहद उत्साहित दिखाई दे रहे हैं।