कुष्ठ रोग 'सूचनीय रोग' घोषित (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
गोंदिया

अब कुष्ठरोग का निदान होते ही पंजीकरण अनिवार्य, स्वास्थ्य विभाग का महत्वपूर्ण निर्णय

Maharashtra Government: महाराष्ट्र में कुष्ठ रोग अब ‘सूचनीय रोग’ घोषित किया गया है। निदान के दो सप्ताह के भीतर पंजीकरण अनिवार्य। गोंदिया में 239 नए मरीज दर्ज किए गए।

आंचल लोखंडे

Gondia Health Department: महाराष्ट्र सरकार ने कुष्ठ रोग के प्रसार पर नियंत्रण और रोगियों को समय पर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कुष्ठ रोग को ‘सूचनीय रोग’ घोषित किया है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभिजीत गोल्हार ने जानकारी दी कि अब सभी निजी एवं सरकारी डॉक्टरों तथा स्वास्थ्य संस्थानों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे कुष्ठ रोग से पीड़ित प्रत्येक रोगी का निदान होने के दो सप्ताह के भीतर संबंधित जिला स्वास्थ्य अधिकारी, सहायक निदेशक (कुष्ठ रोग) कार्यालय और स्थानीय नागरिक स्वास्थ्य अधिकारी के पास पंजीकरण कराएं। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से 30 अक्टूबर को राजपत्र अधिसूचना जारी की गई है।

सहायक निदेशक (कुष्ठ रोग) डॉ. महेंद्र धनविजय ने बताया कि कुष्ठ एक संक्रामक रोग है, जो माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु से होता है। यह त्वचा, परिधीय तंत्रिकाओं, आंखों और अन्य अंगों को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में कुष्ठ को लेकर भय, भ्रांतियां और भेदभाव मौजूद हैं। यदि रोग का समय पर निदान न किया जाए या उपचार में देरी हो, तो यह रोग विकृति (ग्रेड-2 विकलांगता) का कारण बन सकता है। इसलिए, शीघ्र पहचान और पूर्ण उपचार कुष्ठ नियंत्रण के प्रमुख घटक हैं।

‘कुष्ठ मुक्त महाराष्ट्र’ का लक्ष्य 2027 तक

राज्य सरकार ने वर्ष 2027 तक ‘कुष्ठ मुक्त महाराष्ट्र’ का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत संक्रमण की श्रृंखला तोड़ना, रोग का प्रसार शून्य तक लाना, बच्चों में रोगदर को समाप्त करना और कुष्ठ रोगियों के प्रति समाज में भेदभाव मिटाना शामिल है। कुष्ठ नियंत्रण के लिए सभी डॉक्टरों, पैथोलॉजिस्टों, माइक्रोबायोलॉजिस्टों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे उचित उपचार प्रदान करें, सभी निदान किए गए रोगियों का फॉलो-अप करें और उनके संपर्क में आने वाले व्यक्तियों को पोस्ट-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस (PEP) दें।

जिले में 239 नए कुष्ठ रोगी पंजीकृत

चिकित्सा अधिकारी डॉ. भाग्यश्री गावंडे ने बताया कि सितंबर 2025 के अंत तक जिले में 239 नए कुष्ठ रोगियों का पंजीकरण किया गया है। वर्तमान में 439 सक्रिय रोगी उपचार प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें 134 एम.बी., 10 बच्चे, और 112 महिलाएं शामिल हैं। इस पृष्ठभूमि में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभिजीत गोल्हार ने सभी चिकित्साकर्मियों से अपील की है कि वे कुष्ठ रोग निदान एवं पंजीकरण से संबंधित सभी नियमों का कड़ाई से पालन करें।

समय पर निदान और उपचार जरूरी

  • कुष्ठ रोग के संदिग्ध लक्षण
  • त्वचा पर पीले या लाल सुन्न धब्बे
  • प्रभावित स्थान पर पसीना न आना
  • मोटी, तैलीय या चमकदार त्वचा
  • त्वचा पर गांठें या सूजन
  • कानों के लोब का मोटा होना
  • भौंहों के बालों का झड़ना या पतला होना
  • आंखें पूरी तरह बंद न कर पाना
  • हथेलियों या तलवों में झुनझुनी या सुन्नपन
  • उंगलियों का टेढ़ा होना
  • चलने में कठिनाई या चप्पल गिर जाना
  • यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाने की अपील की गई है।

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