गोंदिया न्यूज 
गोंदिया

गोंदिया में शिक्षा का बुरा हाल: 697 पद खाली, 97 स्कूलों में सिर्फ एक ही शिक्षक के कंधे पर पूरी पढ़ाई का बोझ!

Gondia ZP Teacher Vacancy: गोंदिया जिला परिषद में शिक्षकों के 697 पद रिक्त! 97 स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे, 210 में महिला शिक्षक नहीं। शिक्षा की गुणवत्ता पर उठे सवाल।

प्रिया जैस

Maharashtra Primary Teachers: गोंदिया जिला परिषद के शिक्षकों पर पढ़ाने के अलावा दूसरे कामों का भी बोझ है। इसका सीधा असर स्कूली बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है, और अभिभावकों का इंग्लिश स्कूलों की तरफ आकर्षण बढ़ गया है। शिक्षकों का कहना है कि अगर शिक्षा विभाग सिर्फ शिक्षा पर ध्यान दें और दूसरे कामों के लिए एक अलग यंत्रणा बनाए तो शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी।

जिले में शिक्षकों के कुल 3523 पद मंजूर है जिनमें से 2826पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति हुई है तथा 697 शिक्षकों के पद रिक्त है। इसकी वजह से काम करने वाले शिक्षकों पर अतरिक्त बोझ पड़ रहा है और स्कूली बच्चों की पढ़ाई का भी नुकसान हो रहा है।

स्नातक शिक्षकों के 180 पद रिक्त

जिले में 943 स्नातक शिक्षकों के पद मंजूर हैं, जिनमें से 773 पद भर दिए गए हैं, जबकि 180 खाली हैं। 13 अतिरिक्त स्नातक शिक्षक भी हैं। जिला परिषद के प्राथमिक शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड से यह भी पता चला कि जिले के 210 स्कूलों में कोई भी महिला शिक्षक कार्यरत नहीं है।

कई स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम

गोंदिया जिला आदिवासी और नक्सल प्रभावित है, और इस जिले के कई स्कूल दूर-दराज के इलाकों में हैं। इन दूर-दराज के इलाकों में विद्यार्थियों की पटसंख्या की कमी के कारण स्कूल बंद होने की कगार पर थे। इन स्कूलों के बंद होने का डर विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावक व शिक्षकों को भी सता रहा था। लेकिन, जिले के तीन स्कूलों को पास के स्कूलों में शामिल कर दिया गया। जिले में दस से कम पटसंख्या वाले 42 स्कूल हैं। हालांकि सरकार का इरादा कम पटसंख्या वाले लगभग दो-तीन स्कूलों को मिलाकर एक ग्रुप स्कूल चलाने का है, लेकिन जिले में सिर्फ एक ग्रुप स्कूल का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।

अतिरिक्त बोझ कम करें

स्कूल के बच्चों को अच्छी गुणवत्ता की पढ़ाई देने के लिए शिक्षकों पर अतिरिक्त काम का बोझ नहीं डालना चाहिए। उम्मीद है कि सरकार अतिरिक्त काम का बोझ कम करेगी।

  • संदीप तिड़के, जिलाध्यक्ष, महाराष्ट्र प्राथमिक शिक्षक समिति, गोंदिया

शिक्षक सरकारी कर्मचारी होता है। अगर उसे पढ़ाने के अलावा काम दिया जाता है, तो वह करता है। लेकिन, इसका शिक्षा पर बुरा असर नहीं पड़ना चाहिए। जिले में शिक्षकों के पद रिक्त हैं। रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया पवित्र पोर्टल के जरिए की जाती है। इस बारे में सरकार को रिपोर्ट भेज दी गई है। इसके अलावा, हर वर्ष सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों की संख्या भी बड़ रही है। रिक्त पदों को जल्द ही भरा जाएगा।

  • विशाल डोंगरे, शिक्षाधिकारी (प्राथमिक), जिप गोंदिया

रिक्त पदों पर भर्ती को लेकर अनदेखी

गोंदिया जिला परिषद, नगर परिषद, निजी अनुदानित व स्वंयसहायक स्कूलों में 10 से कम पटसंख्या वाले 42 स्कूल हैं। डर था कि दस से कम पटसंख्या वाले स्कूल बंद हो जाएंगे। लेकिन, इसका हल निकाला गया। जिला परिषद के स्कूल निजी स्कूलों से पीछे न रहें, इसके लिए कई कोशिशें की जा रही हैं।

लेकिन, पिछले तीन-चार वर्षों से जिला परिषद के स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिले के 97 स्कूलों में से हर एक में सिर्फ एक टीचर काम कर रहा है, और उन पर चार कक्षाओं का बोझ है। साथ ही शिक्षकों को अतिरिक्त काम सौंप दिया गया है। इन कामों से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।

आज की ताजा खबर 22 अगस्त LIVE: दिल्ली-NCR के कई इलाकों में तेज बारिश, कुछ जगहों पर जलभराव

Weather Alert: दिल्ली से बिहार तक बरसेगा कुदरत का कहर, IMD ने जारी किया अलर्ट, उफनती नदियों से तबाही के आसार

दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन, सोशल मीडिया अपील पर जुटी भारी भीड़, पुलिस ने लिया एक्शन

आज की ताजा खबर 21 अगस्त LIVE: एक क्लिक में पढ़ें दिनभर की सारी बड़ी खबरें

जंतर-मंतर पर आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन, RAF ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा, कई हिरासत में