Rural Toilet Scheme (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया) 
गोंदिया

अर्जुनी मोरगांव में 300 लाभार्थी शौचालय अनुदान से वंचित, एक साल बाद भी नहीं मिली राशि

Toilet Subsidy Pending: गोंदिया के अर्जुनी मोरगांव क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शौचालय निर्माण पूरा करने के बावजूद करीब 300 लाभार्थियों को अब तक 12 हजार रुपये का अनुदान नहीं मिला है।

महाराष्ट्र डेस्क

Arjuni Morgaon News: अर्जुनी मोरगांव तहसील में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत कई लाभार्थियों ने व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण पूरा कर लिया है। लेकिन, निर्माण के एक वर्ष बीत जाने के बाद भी लाभार्थियों के खाते में शौचालय अनुदान की राशि नहीं भेजी गई है। इससे करीब 300 लाभार्थी आर्थिक संकट में हैं।

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत ग्राम पंचायत क्षेत्र में जरूरतमंद लाभार्थियों को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, इस उद्देश्य से कि ग्रामीण क्षेत्र का प्रत्येक नागरिक शौचालय का उपयोग करें। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 12 हजार रु। का अनुदान दिया जाता हैं। लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन किया जाता है। चयन के बाद लाभार्थियों को अपने खर्च पर शौचालय का निर्माण कार्य पूरा करना होगा। फिर अनुदान की राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।

पंचायत समिति के चक्कर काटने को मजबूर

अभी तक अनुदान राशि नहीं मिलने से संबंधित लाभार्थी बारबार पंचायत समिति कार्यालय के स्वच्छ भारत मिशन विभाग के चक्कर काट रहे हैं।

शौचालय अनुदान के लिए दलाल सक्रिय

क्षेत्र में चर्चा है कि शौचालय अनुदान दिलाने के नाम पर कुछ दलाल सक्रिय हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ जगहों पर अनुदान पाने के लिए पुराने शौचालय निर्माण को नए के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। लेकिन, ऐसी गड़बड़ियों के कारण, वास्तव में योग्य और जरूरतमंद लाभार्थियों को अनुदान के लिए इंतजार करना पड़ता है और उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

सम्मान निधि से वंचित होंगे किसान

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार ने जिले के सभी पात्र लाभार्थियों के लिए चालू वर्ष 202526 के लिए वार्षिक ईकेवाईसी सत्यापन पूरा करना अनिवार्य कर दिया है। योजना में पारदर्शिता बढ़ाने व वास्तविक किसानों तक ही लाभ पहुंचाने के लिए 2026 से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य उद्देश्य 20 मई को राज्य में पात्र लाभार्थियों के लिए 30 जून से पहले ईकेवाईसी प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य करना है।

शौचालय अनुदान में देरी से लाभार्थी परेशान

अन्यथा निर्धारित समय सीमा में कार्यवाही नहीं होने पर किसान आगामी किश्तों के लाभ से वंचित होने की संभावना है। किसान पीएम किसान मोबाइल ऐप डाउनलोड करके बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से या चेहरे के प्रमाणीकरण के माध्यम से निकटतम सामान्य सुविधा केंद्र पर जाकर दो सरल तरीकों में से किसी एक के माध्यम से अपना प्रमाणीकरण पूरा कर सकते हैं। जिन बुजुर्ग या बीमार लाभार्थियों को चलनेफिरने में समस्या है और वे केंद्र तक नहीं जा सकते, उनके लिए ग्राम स्तर पर ग्राम स्तरीय नोडल अधिकारी फील्ड स्टाफ को व्यक्तिगत ध्यान देकर फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से ईकेवाईसी पूरा करने में सहायता करेंगे।

पीएम किसान योजना में e-KYC अनिवार्य

इस योजना के तहत पात्र किसान परिवार को हर साल 6 हजार रु। की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसलिए ईकेवाईसी करना अनिवार्य है। पोर्टल पर जाकर जानकारी अपडेट करना जरूरी जिन किसानों की किश्तें मुख्य रूप से तीन कारणों से रुकी हुई हैं, अर्थात् भूमि हस्तांतरण खरीदी, पुरस्कार प्रमाण पत्र, भूमि निकासी, वर्तमान और पिछले भूमि मालिक की संदिग्ध रिपोर्ट और पिछले भूमि मालिक की अधूरी रिपोर्ट, ऐसे किसान निकटतम सीएससी केंद्र पर जाएं। किसान पोर्टल पर फार्मर्स इन्फोर्मेशन मेनू से अपनी जानकारी अपडेट करनी होगी। उसके बाद, कोने में मिसिंग अपडेट को पूरा करने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से ईकेवाईसी की आवश्यकता होती है।

BSF जवान पर हमले के बाद पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन! अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी, जगह-जगह रो रही छापेमारी

त्रिपुरा के बोक्सानगर में तस्करों का BSF जवान पर बर्बर हमला, अशाबारी में तनाव का माहौल; हमले का VIDEO वायरल

दिल्ली में पुलिस बनाम पुलिस, सड़क पर उतरे 150 पुलिसकर्मी, जानिए क्या हैं पांच मांगें और क्यों भड़का विवाद

WMO की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने की भारत की तारीफ, साइक्लोन मैनेजमेंट में बताया रोल मॉडल

साइक्लोन मुरासु के बीच HPCL की रिफाइनरी में भीषण अग्निकांड, समय रहते फायर फाइटर ने आग पर पाया काबू