Gondia Dairy Raid Sealed: गोंदिया के दासगांव स्थित शिवसागर डेयरी पर जिला स्तरीय दूध मिलावट प्रतिबंधक समिति ने अचानक छापा मारा।
जांच में परिसर में भारी गंदगी, समाप्त FSSAI लाइसेंस और बिना आवश्यक लेबल के कई दुग्ध उत्पाद मिले। प्रशासन ने डेयरी को तत्काल बंद कर सील कर दिया।
दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट के खिलाफ गोंदिया प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार सुबह दासगांव स्थित शिवसागर डेयरी पर अचानक छापा मारा गया। जांच के दौरान गंदगी और नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आने के बाद प्रशासन ने डेयरी को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
गोंदिया जिले में दूध और दुग्धजन्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने के लिए जिला स्तरीय दूध मिलावट प्रतिबंधक समिति की ओर से कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार सुबह समिति ने दासगांव स्थित शिवसागर डेयरी पर अचानक छापेमारी की।
यह कार्रवाई अपर जिलाधिकारी तथा समिति के अध्यक्ष अभिजीत घोरपड़े के नेतृत्व में संयुक्त जांच दल ने की। जांच के दौरान डेयरी परिसर में स्वच्छता से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार, परिसर में भारी गंदगी पाई गई।
जांच के दौरान डेयरी का FSSAI लाइसेंस समाप्त होने के बावजूद व्यवसाय जारी रखने की बात सामने आई। खाद्य कारोबार के लिए जरूरी लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद भी कारोबार संचालित किए जाने को प्रशासन ने गंभीरता से लिया।
जांच में सामने आई परिस्थितियों के आधार पर प्रशासन ने शिवसागर डेयरी को तत्काल प्रभाव से बंद कर सील करने की कार्रवाई की।
संयुक्त जांच दल को डेयरी परिसर से बड़ी मात्रा में दूध और दुग्धजन्य पदार्थ मिले। इनमें 18 किलो पनीर, 90 किलो दही, 20 किलो दूध, 17 किलो क्रीम, 15 किलो छाछ और 2 किलो खोवा शामिल है।
जांच टीम के अनुसार, इन पदार्थों पर उत्पादन तिथि अथवा आवश्यक लेबल की जानकारी दर्ज नहीं की गई थी। इससे उत्पादों की गुणवत्ता और उनके निर्माण से संबंधित जानकारी को लेकर सवाल उठे हैं।
इसके अलावा जांच के दौरान एक अज्ञात रासायनिक पदार्थ भी बरामद किया गया। इस पदार्थ का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था, इसे लेकर जांच की जा रही है।
डेयरी में गंदगी, समाप्त लाइसेंस और बिना आवश्यक लेबल के दुग्ध उत्पाद मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। दूध और दुग्धजन्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में ऐसी जांच आगे भी जारी रहने की संभावना है।
गोंदिया जिले में प्रशासन की इस कार्रवाई से दूध और दुग्ध उत्पादों का कारोबार करने वालों में भी हड़कंप मचा है। संबंधित पदार्थों और बरामद रासायनिक सामग्री की आगे की जांच के आधार पर मामले में अन्य कार्रवाई की जा सकती है।