Gondia Girl Suicide Case Forensic Report: गोंदिया के चिचगढ़ थाना क्षेत्र में 2023 में हुई 18 वर्षीय युवती की आत्महत्या के मामले में करीब तीन साल बाद नया मोड़ आया है।
फॉरेंसिक जांच में युवती के मोबाइल से डिलीट डेटा मिलने के बाद पुलिस ने एक पदकप्राप्त पुलिसकर्मी और युवती के प्रेमी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, मोबाइल चैट से युवती को कथित रूप से अश्लील संदेश भेजने और परेशान करने की जानकारी सामने आई।
गोंदिया जिले के देवरी तालुका में तीन साल पहले हुई 18 वर्षीय युवती की आत्महत्या के मामले में अब नया मोड़ आया है। युवती के मोबाइल से डिलीट किया गया डेटा फॉरेंसिक जांच के माध्यम से प्राप्त होने के बाद पुलिस ने मामले में दो लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। इनमें उस समय देवरी की नक्सल गोपनीय शाखा में कार्यरत पुलिसकर्मी ओमप्रकाश मनोहर जामनिक (44) और युवती का प्रेमी विकेश वसंत अंबादे (24) शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, चिचगढ़ थाना क्षेत्र की इस 18 वर्षीय युवती ने 9 नवंबर 2023 को दोपहर करीब 1.30 बजे अपने घर में कथित तौर पर पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली थी। घटना के बाद पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था।
युवती के एक युवक के साथ प्रेम संबंध होने की जानकारी जांच में सामने आई। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। बाद में मोबाइल से प्राप्त WhatsApp चैट ने जांच को नया आधार दिया।
जांच के दौरान युवती के मोबाइल से डिलीट किया गया डेटा फॉरेंसिक प्रयोगशाला से प्राप्त हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, इसमें पुलिसकर्मी की ओर से युवती को कथित रूप से अश्लील संदेश भेजने और शरीरसुख की मांग किए जाने से संबंधित जानकारी सामने आई। पुलिस का कहना है कि इन घटनाक्रमों के कारण युवती और उसके प्रेमी के बीच विवाद भी हुआ था।
युवती के पिता ने आत्महत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। 29 नवंबर 2023 को सरकारी अभियोक्ता से मामले में राय भी ली गई थी। अब फॉरेंसिक जांच से प्राप्त जानकारी के आधार पर चिचगढ़ पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, विकेश अंबादे के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306, 504 और 506 तथा पुलिसकर्मी ओमप्रकाश जामनिक के खिलाफ धारा 354(ए) और 509 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मामले में अभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट और मोबाइल डेटा सामने आने के बाद तीन साल पुराने मामले की जांच को नया आधार मिला है। पुलिस अब उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।