कायाकल्प अभियान (सौजन्य-नवभारत) 
गोंदिया

गोंदिया के 14 स्वास्थ्य केंद्रों का 'कायाकल्प' टेस्ट! भंडारा और नागपुर की टीमों ने जांची जमीनी हकीकत

Kayakalp Initiative Maharashtra: गोंदिया में 'कायाकल्प' अभियान के तहत 14 स्वास्थ्य केंद्रों का राज्य स्तरीय मूल्यांकन। भंडारा और नागपुर की टीमों ने जांची सुविधाएं।

प्रिया जैस

Gondia Health Department: भंडारा और नागपुर की गुणवत्ता आश्वासन सनियंत्रण राज्य स्तरीय टीम ने गोंदिया जिले की 14 स्वास्थ्य संस्थाओं का मूल्यांकन किया। जिला गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम अंतर्गत कायाकल्प पहल के तहत भंडारा टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रावणवाड़ी, दवनीवाड़ा, एकोड़ी, मोरवाही, खमारी, दरेकसा और कावराबांध का दौरा किया और दूसरे दिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिखली, कवलेवाड़ा, सोनी, चोपा, कुरहाड़ी और सुकड़ी/डाकराम का दौरा किया।

इसी तरह नागपुर की टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनगांव का दौरा कर मूल्यांकन किया। इस मूल्यांकन कार्यक्रम अंतर्गत राज्यस्तरीय अधिकारी व टीम ने उप केंद्रों का निरीक्षण, दस्तावेजों की जांच व कर्मचारियों का इंटरव्यू किया और आखिर में मूल्यांकन में मिली गलतियों को ठीक करने के निर्देश दिए।

इस दौरान कार्यक्षेत्र के तहसील स्वास्थ्य अधिकारी, वैद्यकीय अधिकारी, समुदाय स्वास्थ्य अधिकारी, फार्मासिस्ट, प्रयोगशाला वैज्ञानिक अधिकारी, स्वास्थ्य सहायक, स्वास्थ्य सहायिका, स्वास्थ्य सेवक, स्वास्थ्य सेविका, सफाई कर्मचारी, परिचर प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

स्वास्थ्य सुविधा और गुणवत्ता बेहतर हुई

"कायाकल्प" यह सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का मूल्यांकन करने की सुधारित नई निरंतर प्रक्रिया है। यह मूल्यांकन एक चेकलिस्ट पर आधारित है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान कार्यकम अंतर्गत "कायाकल्प" योजना के के जरिए जिले में स्वास्थ्य सुविधा और गुणवत्ता को बेहतर बनाए जाने की जानकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. अभिजीत गोल्हार ने दी है।

जिले में 1 उप जिला अस्पताल, 10 ग्रामीण अस्पताल, 45 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 263 उप केंद्र हैं और हर साल, जिले और जिले के बाहर की स्वास्थ्य संस्थाओं के अधिकारी अलग-अलग चरणों में चेकलिस्ट द्वारा मूल्यांकन करके रिपोर्ट प्रस्तुत करते हैं, ऐसी जानकारी जिला गुणवत्ता आश्वासन सनियंत्रण अधिकारी डॉ. पंकज पटले ने दी।

टीम वर्क जरूरी

सहायक जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार वाघमारे ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता सुधारना एक टीम वर्क है और एक-दूसरे के सहयोग से गुणवत्ता मिलती है। इसके लिए वैद्यकीय अधिकारी, समुदाय स्वास्थ्य अधिकारी, फार्मासिस्ट, प्रयोगशाला वैज्ञानिक अधिकारी, स्वास्थ्य सहायक, स्वास्थ्य सहायीका, स्वास्थ्य सेवक, स्वास्थ्य सेविका, सफाई कर्मचारी, परिचर, आशा सेविका अलग-अलग रिकॉर्ड और रजिस्टर अपडेट करते हैं और असपताल की सुविधाओं और साफ-सफाई को बनाए रखकर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देते हैं।

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