गोंदिया औद्योगिक विकास (सोर्सः सोशल मीडिया)
गोंदिया

गोंदिया में औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार, बुनियादी सुविधाओं के लिए 15 करोड़ मंजूर

Gondia MIDC: गोंदिया जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए 15 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। उद्योग मंत्री उदय सामंत ने एमआईडीसी विकास, छोटे उद्यमियों को निर्देश दिए।

आंचल लोखंडे

Gondia Industrial Development: गोंदिया जिले के औद्योगिकक्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए 15 करोड़ रु. मंजूर किए गए हैं। यह जानकारी राज्य के उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने एक चर्चा के दौरान दी। इससे पहले मंत्री सामंत ने जिले के उद्यमियों और उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में बताया गया कि गोंदिया जिले से हर वर्ष करीब 2 हजार करोड़ रु। के चावल का निर्यात होता है।

इसके चलते जिले में राइस मिल उद्योगों की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि गोंदिया एमआईडीसी में राइस मिलों सहित अन्य उद्योगों को बढ़ावा देकर औद्योगिक विकास को गति दी जाएगी। जिलाधिकारी कार्यालय में उद्योग विभाग, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) तथा खादी व ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा की गई। इस दौरान जिले के उद्यमियों के साथ संवाद भी किया गया।

छोटे उद्यमियों को मिलेंगे भूखंड

बैठक में जिलाधिकारी मंदार पत्की, जिप सीईओ जेनिथचंद्रा दोंतुला, जिला उद्योग केंद्र के सहायक आयुक्त विक्की खिराले, एमआईडीसी के क्षेत्रीय अधिकारी मनोहर पोटे, खादी व ग्रामोद्योग अधिकारी इंद्रजीत देवीपुत्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री सामंत ने एमआईडीसी के अधिकारियों को जिले में अविकसित भूखंडों को तत्काल अपने कब्जे में लेकर जरूरतमंद छोटे उद्यमियों को आवंटित करने की प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा एमआईडीसी क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराने के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए।

2 हजार करोड़ का चावल निर्यात

इस दौरान औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बताया कि गोंदिया जिले से लगभग 2 हजार करोड़ रु. के चावल का निर्यात किया जाता है। चावल निर्यातकों की परिवहन लागत कम करने के उद्देश्य से गोंदिया शहर के समीप कंटेनर डिपो विकसित करने की मांग की गई। इस विषय पर मंत्री सामंत ने कॉनकॉर कंपनी के अधिकारियों से फोन पर चर्चा की। कंपनी की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने पर उन्होंने जिला प्रशासन को कंटेनर डिपो के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने गोंदिया तहसील के मौजा डोंगरगांव में लगभग 40 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित एमएसएमई पार्क की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की।

राइस मिलिंग प्रमुख औद्योगिक गतिविधि

  • उन्होंने कहा कि गोंदिया जिले में राइस मिलिंग प्रमुख औद्योगिक गतिविधि है। इसलिए राइस मिल उद्यमियों, विशेष रूप से चावल निर्यातकों को निर्यात बढ़ाने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

  • बैठक में औद्योगिक संगठनों के साथ उद्यमियों की विभिन्न समस्याओं और अड़चनों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा उनका तत्काल समाधान करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

  • बैठक में उपस्थित औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उनकी मांगों और समस्याओं पर सकारात्मक व विस्तृत चर्चा करने के लिए उद्योग मंत्री डॉ.सामंत का आभार व्यक्त किया।

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