

RTE Seats Vacant In Gondia: शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आरटीई के तहत 25 प्रश. आरक्षित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो गई है। विभिन्न चरणों में प्रवेश प्रक्रिया चलने के बावजूद जिले में 451 सीटें रिक्त रह गई हैं। जिले की कुल 1,069 आरटीई सीटों में से अब तक 1,004 विद्यार्थियों को प्रवेश मिला है। वहीं, दस्तावेजों की पूर्ति नहीं करने के कारण 64 आवेदन निरस्त हुए हैं, जबकि समय सीमा में प्रवेश नहीं लेने से 387 विद्यार्थी प्रवेश से वंचित रह गए।
जिले में आरटीई के तहत 123 स्कूलों में 1,069 सीटें उपलब्ध थीं। विद्यार्थियों को प्रवेश का अवसर देने के लिए कई चरणों में प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बावजूद सीटें रिक्त रहना अभिभावकों की उदासीनता को दर्शाता है। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत गरीब व जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में 25 प्रश. सीटों पर निःशुल्क प्रवेश दिया जाता है। प्रवेश घोषित होने के बाद भी कई अभिभावक अंतिम प्रवेश प्रक्रिया अथवा दस्तावेजों की जांच के लिए आगे नहीं आए।
जिप गोंदिया के प्राथमिक शिक्षाधिकारी पवन खंडारे ने कहा कि गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अभिभावकों को उनके पसंदीदा क्रम के अनुसार स्कूल मिलने के बावजूद कुछ अभिभावक उदासीनता दिखाते है कई अभिभावक आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति नहीं करते। यह शासन-प्रशासन की उदासीनता नहीं बल्कि अभिभावकों की उदासीनता है। अभिभावकों को इस सुविधा का लाभ उठाकर अपने बच्चों क प्रवेश स्कूल में कराना चाहिए।
ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्रों में ऑनलाइन प्रक्रिया और नियमों की पर्याप्त जानकारी नहीं होना भी इसका एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है। इसके अलावा आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं होना। निःशुल्क प्रवेश दिया जाता है। प्रवेश र घोषित होने के बाद भी कई अभिभावक तकनीकी दिक्कतें, घर से स्कूल की दूरी, पसंद की स्कूल नहीं मिलना तथा प्रवेश प्रक्रिया में हुए बदलाव के कारण उत्पन्न भ्रम जैसी वजहों से भी कई विद्यार्थियों का प्रवेश नहीं हो सका। अंतिम प्रवेश प्रक्रिया अथवा दस्तावेजों की जांच के लिए आगे नहीं आए।