नासिक को मुंबई-दिल्ली की तर्ज पर विकसित करेंगे, औद्योगिक संगठनों के संवाद कार्यक्रम महापौर ने जताया विश्वास

Nashik Development Plan: नासिक की महापौर हिमगौरी आहेर-आडके ने औद्योगिक संगठनों के कार्यक्रम में शहर को मुंबई-दिल्ली की तर्ज पर विकसित करनेका संकल्प जताया।
Nashik industrial meet
MIDC road development Nashik (सोर्सः सोशल मीडियाो)
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Nashik Mayor: नवनिर्वाचित महापौर हिमगौरी आहेर-आडके ने नासिक के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सिंहस्थ कुंभ मेले के अवसर का लाभ उठाकर शहर को मुंबई और दिल्ली की तर्ज पर विकसित करने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्राप्त निधि से शहर में ऐसी टिकाऊ और यादगार विकास परियोजनाएं पूरी की जाएंगी, जो नासिकवासियों के लिए लंबे समय तक उपयोगी साबित होंगी।

वे निमा सभागार में नासिक इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (निमा), अंबड इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आयमा), नासिक इंडस्ट्रियल क्लस्टर एंटरप्रेन्योर्स (नाइस), लघु उद्योग भारती और महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स जैसी प्रमुख औद्योगिक संस्थाओं द्वारा आयोजित संयुक्त सत्कार समारोह में बोल रही थीं।

औद्योगिक संगठनों के संवाद कार्यक्रम में नासिक को ‘आत्मनिर्भर’ बनाने का मंत्र

महापौर ने कहा कि उद्योग जगत नासिक की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने नासिक एमआईडीसी की दो प्रमुख सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दिलाने और नगर निगम के बजट में एमआईडीसी सड़कों के लिए हर साल अलग से निधि आवंटित करने का भरोसा दिया। शहर के विकास के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कमेटी’ की स्थापना और भावी पीढ़ी के लिए ‘स्किल यूनिवर्सिटी’ लाने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही, आईटी क्षेत्र पर विशेष ध्यान देकर नासिक को रोजगार सृजन में आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प भी उन्होंने व्यक्त किया।

उद्यमियों ने रखीं अपनी मांगें

कार्यक्रम की प्रस्तावना में निमा के अध्यक्ष आशिष नहार ने एयरपोर्ट के लिए सिटी लिंक बसों के फेरे बढ़ाने, औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में सुधार, भूमिगत गटर योजना लागू करने और यातायात की समस्या का समाधान करने जैसी मांगें रखीं। अन्य पदाधिकारियों ने बंद पड़े जकात नाकों पर ट्रक टर्मिनल बनाने और प्रदूषण कम करने जैसे सुझाव भी दिए।

मेयर का संकल्प

महापौर ने कहा कि नासिक को एक प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए कई गतिविधियां शुरू की जाएंगी। वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए अधिक से अधिक रेस्ट हाउस बनाए जाएंगे। सफाई के मामले में नासिक को इंदौर की तरह विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। शहर के सौंदर्यीकरण के लिए उद्यमियों से अपील की गई कि वे चौराहों और खुली जगहों को गोद लेकर उन्हें हरा-भरा बनाएं।

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