Green Mobility (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया) 
गोंदिया

गोंदिया में बढ़ा ई-वाहनों का क्रेज, जिले की सड़कों पर दौड़ रहे 1,285 इलेक्ट्रिक वाहन

EV Growth Gondia: गोंदिया जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 1,285 ई-वाहन पंजीकृत हैं।

महाराष्ट्र डेस्क

Gondia Pollution Control: प्रदूषण पर अंकुश लगाने और पर्यावरण की रक्षा के लिए पिछले कुछ वर्षों में ईवाहनों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। ऐसे में जिले में भी ईवाहनों के प्रति नागरिकों का रुझान देखा जा रहा है। वर्तमान में, शहर की सड़कों पर 556 यात्री ईरिक्शा सहित 1,285 ईवाहन परिवहन कार्यालय में पंजीकृत हैं। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के साथसाथ मोटरसाइकिलों की बढ़ती कीमतों के कारण मोटरसाइकिल चलाना आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गया है।

ऐसे में ईवाहनों का कॉन्सेप्ट अब धीरेधीरे आम जनता के बीच अपनी जड़ें जमा रहा है। पिछले कुछ महीनों में बढ़े ईवाहनों के आंकड़ों से पता चलता है कि गोंदियाकर भी ईवाहनों की ओर रुख कर रहे हैं। अब शहर की सड़कों पर ईबाइक के साथसाथ चौपहिया वाहन और ई-रिक्शा भी दौड़ने लगे हैं।

प्रदूषण कम करने में ई-वाहनों की बड़ी भूमिका

इसलिए, पर्यावरण की रक्षा और शहर में प्रदूषण को रोकने के लिए योगदान मिल रहा है। जिले में 611 मोटरसाइकिल, 31 मोटर कार, 556 यात्री रिक्शा व 37 अन्य वाहन परिवहन कार्यालय में पंजीकृत है। जिले में ईवाहनों की संख्या दिनबदिन बढ़ती जा रही है।

उल्लेखनीय है कि पेट्रोल की कीमत 100 रु. से अधिक होने के कारण रिक्शा चालकों को आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है। यात्रियों को लानेले जाने में ईंधन का पैसा भी नहीं निकल पाता। ऐसे में ई-रिक्शा चालक कमाई का जरिया बन सकते हैं।

चार्जिंग स्टेशनों की कमी

चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने में सबसे बड़ी बाधा उच्चवोल्टेज बिजली की आपूर्ति उदाहरण के लिए कम से कम 600 किलोवाट प्राप्त करना और बिजली कंपनी से आवश्यक कनेक्शन प्राप्त करना है। अधिकांश चार्जिंग स्टेशन बड़े शहरों तक ही सीमित हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में चालकों को घरेलू बिजली पर निर्भर रहना पड़ता है। प्रत्येक वर्ष वाहनों की खरीदी बढ़ रहीवाहनों की खरीदारी में नागरिकों की रुचि से ही फर्क पड़ता है।

उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी आनंद मोड ने कहा कि जैसे ही कोई नया इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में आता है, नागरिक उन्हीं वाहनों को सबसे ज्यादा खरीदने लगते हैं। अब आंकड़ों से पता चलता है कि इसमें कुछ हद तक कमी आई है। लेकिन प्रत्येक वर्ष वाहनों की खरीदी बढ़ रही है।

फेक वीडियो शेयर कर फंसे सीनियर वकील प्रशांत भूषण! दिल्ली पुलिस ने भड़काऊ कंटेंट बताकर केस दर्ज किया

Cyclone Murasu पड़ा कमजोर, आंध्र-तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट; दिल्ली में छाएगी धुंध

करोड़ों की संपत्ति छोड़ देशसेवा में लगाया जीवन, जानिए महात्मा गांधी के 5वें पुत्र जमनालाल बजाज की कहानी

गुवाहाटी फायरिंग मामले में एनकाउंटर के बाद आरोपी ढेर! सब-इंस्पेक्टर की सर्विस पिस्तौल छीनने की हुई थी कोशिश

Shakuntala Devi: बिना कैलकुलेटर पलक झपकते करती थीं बड़ी गणनाएं, जानिए कैसे बनीं मानव कंप्यूटर