

Sonam Wangchuk Joins CJP Protest Pune University: जैसा कि सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी में कल होने वाले बड़े विरोध प्रदर्शन की चर्चा और तैयारी के बारे में पहले ही जानकारी दी जा चुकी थी, अब इस आंदोलन को और भी बड़ी ताकत मिलने वाली है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है कि प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हैं। वांगचुक की भागीदारी की खबर ने इस छात्र आंदोलन को न केवल मजबूती दी है, बल्कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक नई चर्चा का केंद्र बना दिया है।
अभिजीत दीपके ने एक विशेष घोषणा करते हुए बताया कि सोनम वांगचुक 11 जून को शाम 4 बजे पुणे विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे। दीपके ने पुणे के नागरिकों और छात्रों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में विश्वविद्यालय परिसर पहुँचें ताकि शिक्षा प्रणाली में सुधार की इस माँग को पुरजोर तरीके से उठाया जा सके। सोनम वांगचुक का इस प्रदर्शन से जुड़ना छात्रों के लिए एक बड़े नैतिक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि वे स्वयं एक बेहतर और पारदर्शी शिक्षा प्रणाली के समर्थक रहे हैं।
यह आंदोलन देश में हाल ही में हुई नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के मामलों के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। इन घोटालों ने लाखों छात्रों के भविष्य को अधर में लटका दिया है, जिससे युवाओं में भारी आक्रोश है। इस आंदोलन की सबसे प्रमुख माँग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। दीपके ने अपने वीडियो संदेश में स्पष्ट किया है कि यदि सरकार नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं देती है, तो वे देशभर के प्रमुख शहरों का दौरा कर छात्रों को एकजुट करेंगे और दिल्ली कूच करेंगे।
अभिजीत दीपके ने यह साफ कर दिया है कि कॉकरोच जनता पार्टी का यह मंच पूरी तरह से गैर-राजनीतिक है और इसका किसी भी पारंपरिक राजनीतिक दल के साथ कोई औपचारिक गठबंधन नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आंदोलन 'जेन-जी' के अधिकारों की आवाज है और यह पूरी तरह से लोकतांत्रिक, संवैधानिक और शांतिपूर्ण होगा। दीपके ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करते और उनकी माँग पूरी तरह से न्यायोचित है।
सोशल मीडिया पर इस आंदोलन को लेकर भारी हलचल देखी जा रही है। सीजेपी के आधिकारिक हैंडल से साझा किए गए पोस्टर्स में तंज कसते हुए पूछा जा रहा है कि पुणे के कितने कॉकरोच इस लड़ाई में शामिल होंगे? यह अनोखा कैंपेन युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो गया है, जिससे कल पुणे विश्वविद्यालय में भारी भीड़ जुटने की संभावना है। सोनम वांगचुक की उपस्थिति और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग ने इस प्रदर्शन को एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा कर दिया है।