गोंदिया जलापूर्ति योजना (सोर्सः सोशल मीडिया)
गोंदिया

आमगांव-बनगांव जलापूर्ति योजना ठप, त्योहार पर बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान नागरिक

Gondia Water Supply Scheme: गोंदिया जिले की बनगांव प्रादेशिक ग्रामीण जलापूर्ति योजना से जुड़े 36 गांवों में पिछले 20 दिनों से पानी की आपूर्ति बंद है।

आंचल लोखंडे

Highlights

  • गोंदिया जिले की बनगांव प्रादेशिक ग्रामीण जलापूर्ति योजना से आमगांव नगर परिषद और सालेकसा तहसील सहित कुल 36 गांवों को पेयजल मिलता है।

  • जल टैक्स का करीब 1.98 करोड़ रुपए बकाया होने के कारण पिछले 20 दिनों से जलापूर्ति बंद है।

  • आमगांव नगर परिषद पर 60.50 लाख रुपये से अधिक और आमगांव तहसील के 25 गांवों पर 1.12 करोड़ रुपए से अधिक का जल कर बकाया बताया गया है।

Amgaon Water Shortage: गोंदिया जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा संचालित बनगांव प्रादेशिक ग्रामीण जलापूर्ति योजना से आमगांव नगर परिषद और सालेकसा तहसील के गांवों सहित कुल 36 गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाती है।

लेकिन संबंधित नगर परिषद, ग्राम पंचायतों और अन्य ग्राम पंचायतों पर करीब 1 करोड़ 98 लाख 75 हजार रु. का जल टैक्स बकाया होने के कारण क्षेत्र की जलापूर्ति पिछले 20 दिनों से बंद है। त्योहार के मौके पर पानी की आपूर्ति ठप होने से नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बकाया जल टैक्स

प्राप्त जानकारी के अनुसार आमगांव नगर परिषद पर 60 लाख 50 हजार 288 रु., आमगांव तहसील के 25 गांवों पर 1 करोड़ 12 लाख 34 हजार 649 रु. तथा सालेकसा तहसील के 4 गांवों पर 25 लाख 93 हजार 297 रु. का जल टैक्स बकाया है। इस तरह कुल बकाया राशि लगभग 1 करोड़ 98 लाख 78 हजार रु. है। उल्लेखनीय है कि बनगांव प्रादेशिक ग्रामीण जलापूर्ति योजना शुरुआत से ही विभिन्न कारणों से चर्चा में रही है और कई बार इसकी जलापूर्ति बंद हो चुकी है। अब एक बार फिर बकाया जल टैक्स के चलते आपूर्ति ठप होने से नागरिकों की परेशानी बढ़ गई है।

जल टैक्स भुगतान करने का आव्हान

जिप गोंदिया उपाध्यक्ष सुरेश हर्षे ने कहा कि इस संबंध में जिला परिषद विभाग का कहना है कि योजना को बलाने के लिए आवश्यक धनराशि जल टैक्स के माध्यम से ही उपलब्ध होती है। यदि उपभोक्ता नागरिक व ग्राथ ही समय पर जल टैक्स नहीं भरेंगे तो योजना का संचालन कैसे संभव होगा। जिला नियोजन निधि से कुछ बिल भरा गया है। एक दो दिन में शुरू हो योजना जाएगी।

32 करोड़ की लागत से बनी थी योजना

जलापूर्ति उप विभाग, आमगांव के शाखा अभियंता राजेंद्र सतदेवे ने कहा कि अपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 1998 में लगभग 32 करोड़ रु. की लागत से प्रारंभ की गई थी। शुरुआत में योजना का संचालन महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण ने किया। बाद में इसे संभालने के लिए ग्रामीण जलापूर्ति विभाग को सौंप दिया गया, उसी प्रकार जल शुद्धिकरण व योजना की देखभाल मरम्मत व संचालन का काम करने वाली एजेंसी को भी यदि समय पर भुगतान नहीं होगा तो वह अपना काम कैसे कर पाएगी, इसलिए सभी नागरिकों से समय पर जल कर का भुगतान करने का आवाहन जलापूर्ति विभाग द्वारा किया गया है।

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