

Highlights:
IPS अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ कैडर की 2018 बैच की अधिकारी हैं और वर्तमान में राजनांदगांव की IPS हैं।
उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2017 में तीसरे प्रयास में AIR 203 हासिल की थी।
दशहरे पर शस्त्र पूजन के बाद AK-47 से फायरिंग करते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
Rajnandgaon SP Ankita Sharma: दशहरे पर देशभर में शस्त्र पूजन की तस्वीरें सामने आती हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ की एक महिला आईपीएस अधिकारी अपने अलग अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। राजनांदगांव की IPS अंकिता शर्मा ने शस्त्र पूजन के बाद पारंपरिक साड़ी पहनकर AK-47 राइफल से फायरिंग की। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है।
हालांकि, अंकिता शर्मा की पहचान सिर्फ इस वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है। UPSC सिविल सेवा परीक्षा में तीसरे प्रयास में सफलता हासिल करने से लेकर छत्तीसगढ़ में पुलिस की अहम जिम्मेदारियां संभालने तक, उनका सफर कई युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय रहा है। आइए जानते हैं कौन हैं IPS अंकिता शर्मा, कहां हुआ उनका जन्म, उन्होंने कितनी पढ़ाई की और कैसे वह पुलिस सेवा में इस मुकाम तक पहुंचीं।
दशहरे के अवसर पर राजनांदगांव पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान IPS अंकिता शर्मा ने पूजा-अर्चना की और इसके बाद AK-47 राइफल से फायरिंग की। पारंपरिक साड़ी में हथियार चलाते हुए उनका अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
दशहरे पर शस्त्र पूजन को शक्ति, साहस और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। पुलिस और सुरक्षा बलों में भी इस दिन हथियारों की पूजा करने की परंपरा है। अंकिता शर्मा का यह वीडियो इसी परंपरा के बीच सामने आया है। सोशल मीडिया पर उन्हें 'लेडी सिंघम' के नाम से भी पहचाना जाता है।
अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ कैडर की 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। वह अपनी पुलिस सेवा, कानून-व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम करने के अनुभव के कारण चर्चा में रही हैं। वर्तमान में वह राजनांदगांव जिले की पुलिस अधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
पुलिस सेवा में आने के लिए उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा पास की थी। राष्ट्रीय स्तर की इस कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए। उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि असफलताओं के बाद भी लक्ष्य के प्रति निरंतर मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है।
अंकिता शर्मा का जन्म 25 जून 1990 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में हुआ था। वह इसी राज्य की रहने वाली हैं और आईपीएस बनने के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला। गृह राज्य में पुलिस अधिकारी के रूप में सेवा करने का अवसर उनके करियर का एक अहम पहलू रहा है।
उनके जीवन सफर की चर्चा में UPSC की तैयारी और परीक्षा में मिली सफलता का खास स्थान है। सिविल सेवा परीक्षा में चयन के बाद उन्होंने पुलिस सेवा में प्रवेश किया और अलग-अलग पदों पर रहते हुए प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाईं।
अंकिता शर्मा ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2017 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 203 हासिल की थी। यह सफलता उन्हें तीसरे प्रयास में मिली। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पहले प्रयास में वह मुख्य परीक्षा तक पहुंचीं, जबकि दूसरे प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा पास नहीं कर सकीं।
लगातार प्रयासों के बाद उन्होंने तीसरी बार परीक्षा में सफलता हासिल की और आईपीएस अधिकारी बनने का अपना लक्ष्य पूरा किया। उनकी यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और शुरुआती असफलताओं के कारण निराश हो जाते हैं।
आईपीएस बनने के बाद अंकिता शर्मा की शुरुआती पोस्टिंग छत्तीसगढ़ के भाटापारा में हुई। इसके बाद उन्होंने रायपुर के आजाद चौक क्षेत्र में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) के रूप में भी काम किया। इन जिम्मेदारियों के दौरान उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस प्रशासन से जुड़े कार्यों का अनुभव मिला।
उनके करियर में आगे भी कई अहम जिम्मेदारियां जुड़ीं। मई 2022 में उन्हें खैरागढ़ का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह खैरागढ़ की पहली महिला एसपी बनीं। इस नियुक्ति के साथ ही छत्तीसगढ़ के पुलिस प्रशासन में उनकी भूमिका और पहचान को एक नई दिशा मिली।
छत्तीसगढ़ के कुछ इलाके लंबे समय से नक्सलवाद की चुनौती का सामना करते रहे हैं। ऐसे क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ सुरक्षा अभियानों और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय से भी जुड़ी होती है।
अंकिता शर्मा ने अपने करियर के दौरान नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में भी जिम्मेदारियां निभाईं। वहां नक्सल विरोधी अभियानों और सुरक्षा से जुड़े कामों का अनुभव उनके पुलिस करियर का अहम हिस्सा रहा है। कठिन परिस्थितियों में काम करने के कारण भी उनकी चर्चा होती रही है।
दशहरे के मौके पर पारंपरिक साड़ी और आधुनिक राइफल के साथ अंकिता शर्मा का अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है। उनके वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक ओर शस्त्र पूजन की परंपरा चर्चा में है, तो दूसरी ओर पुलिस अधिकारी की हथियार चलाने की दक्षता को लेकर लोग बात कर रहे हैं।
हालांकि, वायरल वीडियो से इतर अंकिता शर्मा की पहचान उनके पुलिस सेवा के अनुभव और जिम्मेदारियों से भी जुड़ी है। दशहरे पर उनका यह अंदाज अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।