पालकमंत्री इंद्रनील नाइक  (सोर्स-सोशल मीडिया) 
गोंदिया

गोंदिया एट्रासिटी मामले में मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी, पालकमंत्री नाइक ने सौंपे नियुक्ति पत्र

Gondia Indranil Naik News: गोंदिया में एट्रासिटी एक्ट के तहत मृतकों के 8 वारिसों को पालकमंत्री इंद्रनील नाइक ने 'सिपाही' पद के नियुक्ति पत्र दिए। उन्होंने इसे पीड़ित परिवारों के लिए नई उम्मीद बताया।

रूपम सिंह

Maharashtra Government Atrocity Act 1989: सरकार ने अनुसूचित जाति जनजाति (अत्याचार निवारण) एक्ट 1989 (संशोधित एक्ट 2015) नियम 1995 और संशोधित नियम 2016 के तहत अनुसूचित जाति जनजाति के हत्या/मौत के मामले में मृत हुए व्यक्ति के एक योग्य वारिस को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया है, और इसके तहत परिवार वालों को सरकारी नौकरी से जीने की नई उम्मीद पैदा हुई है, ऐसा प्रतिपादन जिले के पालकमंत्री इंद्रनील नाइक ने सामाजिक न्याय व विशेष सहाय्य विभाग की ओर से नियोजन सभागृह में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में किया।

इस दौरान विधायक विनोद अग्रवाल, जिप अध्यक्ष लायकराम भेंडारकर, समाज कल्याण समिति सभापति रजनी कुंभरे, पूर्व विधायक राजेंद्र जैन, जिला जाति जांच समिति के अध्यक्ष तथा अपर जिलाधीश उप (रिटायर्ड) प्रदीप कुलकर्णी, जिलाधीश (सामान्य प्रशासन) मानसी पाटिल, आदिवासी विकास प्रकल्प अधिकारी उमेश काशिद, जिप के अतिरिक्त सीईओ तानाजी लोखंडे, जिला नियोजन अधिकारी मुरलीनाथ वाडेकर, समाज कल्याण सहायक आयुक्त किशोर भोयर, जिला समाज कल्याण अधिकारी कीर्तिकुमार कटरे उपस्थित थे।

नाइक ने दिए नियुक्ति पत्र, सिपाही पद पर योग्य वारिस

गोंदिया जिले में 8 योग्य वारिसों को ग्रुप-D संवर्ग में 'सिपाही' पद के लिए नियुक्ति पत्र हर्ष छेदीलाल इमलाह, संगीता भीमराज कुंभरे, देलेंद्र टोलूराम बेलबंशी, दिनेश श्रीराम दरवड़े, आर्यन कृष्णकुमार मेश्राम, रजनी मनोहर धमगाये, निकिता अर्पित उके, दिशा निशांत मेश्राम को नाइक ने नियुक्ति पत्र दिए। प्रस्तावना किशोर भोयर ने रखी। संचालन व आभार समाज कल्याण अधीक्षक स्वाति कापसे ने किया।

ग्रुप-D पद पर नियुक्त

  • नाइक ने आगे कहा कि एट्रासिटी अंतर्गत परिवार को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई नहीं हो सकती, लेकिन सरकार ने उस परिवार के जख्मों पर मरहम लगाने का काम जरूर किया है और ऐसे परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी विभाग में ग्रुप-D पद पर नियुक्त किया गया है।
  • उन्होंने इस मौके पर यह भी कहा कि इससे अनुसूचित जाति और जनजाति के खिलाफ एट्रासिटी में मृत व्यक्ति के परिवार को आर्थिक लाभ मिलेंगे।
  • इस दौरान उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार में आने वाले कर्मचारी परिवार का आर्थिक बोझ उठाएंगे और देश की सेवा भी करेंगे।

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