Child Development Program:गोंदिया (सोर्सः सोशल मीडिया) 
गोंदिया

बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बाल महोत्सव उपयुक्त, गोंदिया जिला कार्यक्रम अधिकारी कटरे का प्रतिपादन

Child Development Program: गोंदिया में आयोजित जिला स्तरीय चाचा नेहरू बाल महोत्सव में जिला कार्यक्रम अधिकारी कीर्तिकुमार कटरे ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनकी छिपी प्रतिभाओं को निख

आंचल लोखंडे

Gondia News: समाज की मुख्यधारा में शामिल बच्चों को शिक्षा, कला और कौशल विकास के कई अवसर सहज रूप से उपलब्ध हो जाते हैं, लेकिन बेसहारा और निराश्रित बच्चों को ऐसे अवसर नहीं मिल पाते। चाचा नेहरू बाल महोत्सव ऐसे बच्चों की कला, खेल और छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने के लिए अत्यंत उपयुक्त मंच है। यह प्रतिपादन जिला परिषद के जिला कार्यक्रम अधिकारी कीर्तिकुमार कटरे ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत जिला महिला व बाल विकास अधिकारी कार्यालय द्वारा जे.एम. हाईस्कूल, गणेशनगर में आयोजित जिला स्तरीय चाचा नेहरू बाल महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर किया।

महोत्सव का उद्घाटन निवासी वैद्यकीय अधिकारी डॉ. विनोद जायसवाल के हाथों किया गया। इस अवसर पर तिरोड़ा के एकात्मिक बाल विकास प्रकल्प अधिकारी विनोद चौधरी, पुलिस उपनिरीक्षक (दामिनी पथक) पूजा सुरलकर, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष देवका खोबरागड़े, न्याय मंडल सदस्य वंदना दुबे, बाल निरीक्षण गृह की अधीक्षिका मनीषा आंबेडारे, विधि सेवा प्राधिकरण की अधिवक्ता शबाना अंसारी, अधिवक्ता रोशनी पटले तथा जे.एम. हाईस्कूल के शिक्षक एस.बी. पटले उपस्थित थे।

इरादा पक्का हो तो मिलेगी सफलता

कीर्तिकुमार कटरे ने कहा कि बच्चों के बौद्धिक और शारीरिक विकास के साथ-साथ उनकी छिपी हुई क्षमताओं को सामने लाने के लिए ऐसे बाल महोत्सवों की अत्यंत आवश्यकता है। सभी स्पर्धाएं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना से होनी चाहिए। यदि बच्चे जीवन में निरंतरता, लगन और दृढ़ संकल्प अपनाते हैं, तो सफलता अवश्य प्राप्त होगी। उन्होंने बच्चों से अपने पंख मजबूत रखने और ऊंची उड़ान भरने का आह्वान किया। उन्होंने आगे बताया कि 1 से 13 जनवरी तक जिले में एकल महिलाओं की पहचान की जा रही है। 1 जनवरी से अब तक जिले में लगभग 50 हजार एकल महिलाएं तथा 6 हजार एकल बच्चे (बाल संगोपन) चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

जिला स्तरीय चाचा नेहरू बाल महोत्सव का उद्घाटन

कार्यक्रम की प्रस्तावना जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी रेशमा मोरे ने रखी। विनोद चौधरी ने कहा कि जिन बच्चों को उनके मूलभूत अधिकारों से वंचित रखा गया है, ऐसे बच्चों के लिए यह आयोजन किया जाता है। पूजा सुरलकर ने बताया कि यदि किसी बच्चे को कोई अनजान व्यक्ति परेशान करता है, तो वह चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 अथवा पुलिस दामिनी पथक के हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क कर सहायता ले सकता है।

देवका खोबरागड़े, वंदना दुबे और अधिवक्ता शबाना अंसारी ने भी बच्चों के कल्याण पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन रजनी रामटेके ने किया, जबकि आभार जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजानन गोबाडे ने माना।कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ज्ञानेश्वर पटले, रविंद्र टेंभुर्णे, अनिल बांबोडे, कल्याणकुमार रामटेके, मुकेश पटले, भूषण भेलावे, भागवत सूर्यवंशी, नरेश लांजेवार, राकेश नानोटे, पूजा डोंगरे, जयश्री कापगते, विनोद दुधकुवर और अलका बोकडे ने विशेष प्रयास किए। इस अवसर पर उपस्थितों को बाल विवाह प्रतिबंध की शपथ दिलाई गई। इसके पश्चात कीर्तिकुमार कटरे के हस्ते क्रीड़ा स्पर्धाओं का उद्घाटन किया गया

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