गड़चिरोली में नक्सलवाद का खात्मा (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
गढचिरोली

अब सिर्फ 6 नक्सली बचे! 31 मार्च तक सरेंडर नहीं किया तो...गड़चिरोली पुलिस का बड़ा ऐलान

Gadchiroli Naxal Free: गड़चिरोली में नक्सलवाद का अंत! जंगल में बचे केवल 6 नक्सली, पुलिस ने दी 31 मार्च तक सरेंडर की डेडलाइन। जानें आत्मसमर्पण योजना की सफलता।

प्रिया जैस

Naxal Surrender Policy 2025: गड़चिरोली जिला पुलिस दल और सीआरपीएफ द्वारा जिले के जंगलों में चलाए गए नक्सल विरोधी अभियान के कारण नक्सलवाद अब गड़चिरोली जिले का इतिहास बनते नजर आ रहा है। विशेषतः केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प लिया था। लेकिन जिला पुलिस दल ने 31 मार्च के पहले ही जिले से नक्सलवाद को खत्म कर दिया है।

अब केवल 6 नक्सली गड़चिरोली जिले के जंगल में होने की जानकारी पुलिस विभाग ने दी है। एक जिला निवासी होकर अन्य पांच नक्सली छत्तीसगढ़ के हैं। यह नक्सली अबुझमाड़ सीमा पर होने की जानकारी है। इधर पुलिस ने संबंधित नक्सलियों को 31 मार्च तक डेडलाइन देकर सरेंडर करने को कहा है। यदि नक्सली सरेंडर नहीं करते है, तो उनके खिलाफ नक्सल विरोधी मुहिम चलाई जाएगी।

1 गड़चिरोली निवासी 5 छत्तीसगढ़ के रहने वाले

अन्यथा की जाएगी कार्रवाई

गड़चिरोली जिला पुलिस दल द्वारा बड़ी ही तेजी से नक्सलवाद का सफाया किया जा रहा है। ऐसे में एक दिन पहले 68 लाख इनामी करीब 11 नक्सलियों ने जिला पुलिस दल के सामने आत्मसमर्पण किया है। अब केवल 6 नक्सली शेष है। जिससे उक्त नक्सली जिला पुलिस दल के सामने आत्मसमर्पण कर विकास की मुख्याधारा में शामिल हाँ, अन्यथा उनके खिलाफ नक्सल विरोधी अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी, ऐसी चेतावनी पुलिस विभाग ने दी है।

कारगर साबित हुई आत्मसमर्पण योजना

सरकार ने नक्सलियों को हिंसा का मार्ग छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल कराने के लिए वर्ष 2025 में आत्मसमर्पण योजना शुरू की। इस योजना के तहत जिले में अब तक कुल 794 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।

विशेषतः 15 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय समिति सदस्य, सीपीआई प्रवक्ता तथा केंद्रीय रिजनल ब्यूरो सचिव मल्लोजुल्ला वेणुगोपाल राव उर्फ भुपति ने अपने 61 सहयोगियों के साथ राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था।

4 वर्षों में 11 आउट पोस्ट का निर्माण किया

एक तरफ नक्सली पुलिस गोली का शिकार बन रहे थे। वहीं दूसरी ओर आत्मसमर्पण करने के बाद भी जिले के दुर्गम और अतिदुर्गम क्षेत्र के लोगों में दहशत का वातावरण था। साथ ही उन्हें बुनियादी सुविधाओं के अभाव में नरकीय यातनाएं भुगतनी पड़ रही थी।

ऐसे में इन क्षेत्र के नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करने और उन्हें दहशत मुक्त वातावरण दिलाने के लिए जिला पुलिस दल द्वारा 2023 से अब तक जिले के दुर्गम और अतिदुर्गम क्षेत्र के गांवों में 11 पुलिस सहायता केंद्र का निर्माण किया गया है।

पश्चिमी चंपारण के बगहा में पहुंचे पप्पू यादव, बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री; सरकार पर उठाए गंभीर सवाल

पहलगाम हमले का एक और आतंकी हाशिम मूसा ढेर, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रखा था 20 लाख रुपये का इनाम

नेपाल की बाढ़ से यूपी-बिहार जलमग्न, चंपारण में 4 जगह टूटे तटबंध, इंद्रावती का जलस्तर 53 साल के रिकॉर्ड के पार

अरब सागर में तीन हजार करोड़ का ड्रग्स बरामद, इंडियन कोस्ट गार्ड के एक्शन में पांच पाकिस्तानी दबोचा गया

IMD Alert: दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक बिगड़ेगा मौसम, 16 राज्यों में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी