Gadchiroli Skill Based Education News: गड़चिरोली बदलते समय में शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच समन्वय कौशल आधारित शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी बनता जा रहा है। विद्यार्थियों में व्यावसायिक ज्ञान विकसित करने और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कुशल मानव संसाधन तैयार करने का कार्य इस पहल के माध्यम से किया जाएगा, ऐसा कथन गोंडवाना विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रशांत बोकारे ने किया।
गोंडवाना विश्वविद्यालय, गड़चिरोली तथा अंबुजा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के संयुक्त तत्वावधान में अंबुजा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में इंडस्ट्रीअकादमिया संबंधों पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस समय मार्गदर्शन करते हुए वे बोल रहे थे।
इस कार्यक्रम में गोंडवाना विश्वविद्यालय के नवोन्मेष एवं अनुसंधान विभाग के निदेशक मनीष उत्तरवार, प्रबंधन परिषद सदस्य संजय गोरे, अंबुजा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के प्राचार्य प्रमोद खडसे, प्राचार्य संजय कुमार सिंह, अंबुजा के प्रबंधक सोनी, माणिकगढ़ सीमेंट के प्रतिनिधि शंतनु तथा एचआर प्रमुख श्रीकांत कुंभारे आदि उपस्थित थे।
कुलगुरू प्रशांत बोकारे ने आगे कहा कि विद्यार्थियों को स्नातक के तुरंत बाद रोजगार प्राप्त करने के लिए आवश्यक कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए पाठ्यक्रमों में कौशल शिक्षा को शामिल करना समय की मांग है। गोंडवाना विश्वविद्यालय इस दिशा में पहल कर रहा है और सभी संकायों में कौशल आधारित पाठ्यक्रम लागू करने का संकल्प लिया है।
विश्वविद्यालय क्षेत्र के सभी शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान डॉ. मनीष उत्तरवार ने इंडस्ट्रीअकादमिया की संकल्पना को प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विस्तार से समझाया।
वहीं प्राचार्य प्रमोद खडसे ने संस्था की उपलब्धियों और कौशल आधारित शिक्षा कार्यक्रमों की जानकारी दी। प्रारंभिक संबोधन में संजय गोरे ने इस अवधारणा की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन शरद बेलोरकर ने किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्राचार्य, शिक्षक तथा महाविद्यालयों के प्राध्यापक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।