प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
गढचिरोली

गोंडवाना विश्वविद्यालय में जल प्रबंधन पर 3 दिवसीय कार्यशाला, सिंचाई प्रबंधन व जल नीति पर चर्चा

Gondwana University: गड़चिरोली के गोंडवाना विश्वविद्यालय में गोसीखुर्द प्रकल्प अंतर्गत स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए 3 दिवसीय क्षमता वृद्धि प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित हुई।

अंकिता पटेल

Gondwana University Water Management Workshop: गड़चिरोली गोसीखुर्द प्रकल्प अंतर्गत पानी उपयोग संस्था सक्षमीकरण व मजबूतीकरण उपक्रम अंतर्गत गोंडवाना विश्वविद्यालय, गड़चिरोली में स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए 3 दिवसीय क्षमता वृद्धि अंतरवासिता प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन हाल ही में किया गया।

इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय के विद्यार्थी तथा पाणी उपयोग संस्था सक्षमीकरण प्रकल्प में कार्यरत अधिकारी व कर्मचारियों ने व्यापक सहभाग लिया। कार्यशाला के पहले दिन पंजीयन व पहचान सत्र के बाद प्रशिक्षणपूर्व मूल्य मापन लिया गया।

इसके बाद सहभागी सिंचाई प्रबंधन, राज्य व राष्ट्रीय जल नितिरण तथा महाराष्ट्र का सिंचाई विकास व पानी उपयोग की वर्तमान स्थिति को लेकर डा। राजेश पुराणिक ने विद्यार्थियों और छात्रों को मार्गदर्शन किया।

गोसीखुर्द प्रकल्प की जानकारी गुट-समन्वयक शुभांगी नक्षिणे व समित हेमने ने दी। इसके साथ ही पानी उपयोग संस्था (WUA) स्थापना की चरणबद्ध रूप से प्रक्रिया, संस्थाओं की रचना, अधिकार व जिम्मेदारी तथा प्रशासन व कार्यपद्धति पर विस्तृत चर्चा की गई।

कामकाज पर दी जानकारी

कार्यशाला के दूसरे दिन पानी उपयोग संस्था के कामकाज का प्रबंधन, नहर देखभाल व प्रबंधन, पानी आवर्तन, घन फलाधारित पानी की आपूर्ति, करार प्रक्रिया, महत्वपूर्ण प्रावधान स्पष्ट किए गए।

इस समय प्रात्यक्षिक, गुट चर्चा व प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों का सक्रिय सहभाग लिया गया। कार्यशाला के तीसरे दिन पानी उपयोग संस्था का बजट, वित्तीय प्रबंधन, उत्पन्न खर्च लेख, लेखा परीक्षण व सामाजिक लेखा परीक्षण, जल अर्थसंकल्प, फसल पद्धति व फसल विविधीकरण, पानी उपयोग संस्था को लेकर सरकारी निर्णय की जानकारी दी गई।

इसके साथ ही सामाजिक-वित्तीय सर्वेक्षण, डेटा संकलन व विश्लेषण तकनीकी पर प्रात्यक्षिक के साथ मार्गदर्शन किया गया। कार्यशाला के समापन प्रशिक्षणोत्तर मूल्यमापन व सहभागी विद्यार्थियों का अभिप्राय से किया गया।

विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ

  • इस प्रशिक्षण कार्यशाला के कारण विद्यार्थियों को ग्रामीण जलसंपदा प्रबंधन, सहभागी सिंचाई प्रबंधन संकल्पना पर प्रत्यक्ष अमल, पानी उपयोग संस्था स्थापना की कानूनी, प्रशासकीय व वित्तीय प्रक्रिया का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ।
  • विद्यार्थियों में तकनीकी, प्रबंधकीय व नेतृत्व कौशल का विकास हुआ है।
  • ग्रामीण विकास, जलसंवर्धन, स्वयंसेवी संस्था, सीएसआर प्रकल्प व संशोधन क्षेत्र के करिअर के दृष्टि से प्रशिक्षण उपयोगी साबित होने की बात विद्यार्थियों ने कही है।
  • कार्यशाला की सफलता के लिए गोसीखुर्द प्रकल्प समन्वयक अनंता गावंडे ने प्रयास किया।

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