Gadchiroli Government Development: उद्योगों के माध्यम से गडचिरोली का कायापलट करने के दावे सत्तारूढ़ दल की ओर से किए जा रहे हैं, लेकिन जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, सिंचाई और रोजगार जैसी बुनियादी समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान नहीं है।
उद्योगों का झांसा देकर प्राकृतिक संपदा से समृद्ध गड़चिरोली को लूटने की साजिश रची जा रही है, ऐसा गंभीर आरोप विधानमंडल के विपक्ष के नेता एवं विधायक विजय वडेट्टीवार ने शुक्रवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में लगाया। इस अवसर पर कांग्रेस विधायक रामदास मसराम, एड. राम मेश्राम, डॉ. अजय कंकडालवार, मनोहर पोरेटी, पंकज गुडेवार, सतीश विधाते समेत कांग्रेस के पदाधिकारी उपस्थित थे।
वडेट्टीवार ने कहा कि, जिले के दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहद अपर्याप्त है। डाक्टर, नर्स तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की कमी बनी हुई है। चामोर्शी में नवजात शिशु की मृत्यु की घटना स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता का गंभीर उदाहरण है। मुख्यमंत्री स्वयं गडचिरोली जिले के पालकमंत्री हैं, इसके बावजूद ऐसी स्थिति बनी रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि, जिले में सड़कें बदहाल हैं, स्कूलों की स्थिति खराब है और सिंचाई परियोजनाएं वर्षों से लंबित हैं। ऐसे में उद्योगों की घोषणाएं करने की बजाय पहले सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाना चाहिए। इसके बाद ही उद्योग स्थापित करने की ठोस योजना बनाई जाए।
आश्रमशालाओं की स्थिति पर सवाल उठाते हुए वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि, पिछले दो वर्षों में आदिवासी आश्रमशालाओं में सर्पदंश से 28 विद्यार्थियों की मौत हुई है, फिर भी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जब आश्रमशालाओं और सिंचाई परियोजनाओं के लिए पर्याप्त निधि उपलब्ध नहीं है, तो दूसरी ओर अदाणी समूह को हजारों हेक्टेयर जमीन देने की सरकार को इतनी जल्दबाजी क्यों है? वडेट्टीवार ने स्पष्ट किया कि, कांग्रेस गडचिरोली के विकास के खिलाफ नहीं है। लेकिन विकास के नाम पर जिले की प्राकृतिक संपदा की लूट और स्थानीय लोगों के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।