

Chhatrapati Sambhajinagar Rural Hhealthcare: ग्रामीण अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति का आकलन कर प्राथमिकता तय की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आवश्यकतानुसार पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा। यह निर्देश पालकमंत्री तथा सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता मंत्री संजय शिरसाट ने जिला एकात्मिक स्वास्थ्यवर्धिनी समिति की बैठक में दिए।
जिला नियोजन सभागार में शनिवार को आयोजित बैठक में विधायक प्रशांत बंब, विधायक अनुराधा चव्हाण, स्वास्थ्य सभापति अनिता मोटे, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिन्नू पी. एम., महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. कमलाकर मुदखेडकर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभय धानोरकर, निवासी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत बडे सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और समिति के सदस्य उपस्थित थे।
पालकमंत्री शिरसाट ने कहा कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक जनोन्मुख, गतिशील और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना जरूरी है। शहर के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की सुविधाओं में बजट के माध्यम से सुधार किया गया है। इसी तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में भी आवश्यक भवन, उपकरण और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण नागरिकों को उनके क्षेत्र में ही बेहतर उपचार उपलब्ध होने से शहर के बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव भी कम होगा।
स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों, परिचारिकाओं और अन्य आवश्यक कर्मचारियों की कमी होने पर उसे दूर करने के लिए तत्काल नियोजन करने के निर्देश दिए गए। आवश्यकता के अनुसार अनुबंध के आधार पर कर्मचारियों की नियुक्ति की जा सकती है, लेकिन इसके लिए निविदा की शर्तें स्पष्ट और गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा, ऐसा शिरसाट ने स्पष्ट किया। उन्होंने उपलब्ध कर्मचारियों का पूर्ण क्षमता से उपयोग करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी नहीं होने देने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
जिले के प्रत्येक तालुका की स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की मरम्मत, नए भवनों की आवश्यकता, चिकित्सा उपकरण, कर्मचारियों की उपलब्धता और अन्य मूलभूत सुविधाओं में से किन कार्यों की तत्काल आवश्यकता है, इसका तालुकानुसार प्राथमिकता क्रम तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा गया है। इसी आधार पर बजट का नियोजन किया जाएगा।
जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास के लिए उद्योगों और बैंकों से मिलने वाली सामाजिक उत्तरदायित्व निधि का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए। विभिन्न कंपनियों और बैंकों के माध्यम से स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं तलाशने को कहा गया। नियमानुसार अनुमति देकर गुणवत्तापूर्ण कार्य समय पर पूरा कराने पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कार्यों, बजट, कर्मचारियों और मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत खाका तैयार करने को कहा गया है। इन सभी मुद्दों पर दस दिनों के भीतर फिर बैठक लेकर बजट और ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की कार्ययोजना की समीक्षा की जाएगी, शिरसाट ने बताया।
उन्होंने कहा कि 'सक्षम स्वास्थ्य संस्था, गुणवत्तापूर्ण सेवा और संतुष्ट नागरिक' को केंद्र में रखकर जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाएं पूरी क्षमता से काम करें। नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए तथा केंद्र और राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए।