Gadchiroli Airport Land Acquisition: गड़चिरोली में प्रस्तावित हवाईअड्डे के लिए की जा रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया का गुरवला, राखी, हिरापुर और शिरपुर चक क्षेत्र के किसानों ने विरोध किया है।
भूमि अधिग्रहण रद्द करने की मांग को लेकर किसानों ने 2 अक्टूबर से गुरवला स्थित डॉ. बाबासाहब आंबेडकर चौक परिसर के मैदान में अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन शुरू कर दिया है। 12 मई को किसानों के विरोध के बावजूद शासन ने विमानस्थल निर्माण के लिए वित्तीय एवं प्रशासनिक मंजूरी संबंधी शासन आदेश जारी किया था।
इसके बाद किसानों ने लगातार आंदोलन कर अपना विरोध दर्ज कराया। 18 मई को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना आंदोलन किया गया था। उस समय सरकार द्वारा 15 दिनों के भीतर आदेश रद्द नहीं किए जाने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई थी। हालांकि, अपेक्षित निर्णय नहीं होने के बाद किसानों ने 4 जून से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने बड़ी संख्या में अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन शुरू किया था।
इस आंदोलन के दौरान किसानों ने संबंधित जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। गड़चिरोली के सहपालकमंत्री आशीष जयस्वाल की उपस्थिति में जिलाधिकारी ने विमानस्थल निर्माण से संबंधित सभी कार्यों को स्थगित किए जाने का पत्र दिया था। इसके बावजूद 2 जुलाई और 11 अगस्त को विमानस्थल निर्माण कार्य के ई-टेंडर जारी किए जाने का दावा किसानों ने किया है। इससे स्थगन को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
किसान संघर्ष कृति समिति ने स्पष्ट किया है कि, किसानों का विरोध विमानस्थल के विकास को लेकर नहीं है, बल्कि विमानस्थल के लिए उनकी कृषि भूमि के अधिग्रहण को लेकर है। विमानस्थल के लिए किसी वैकल्पिक स्थान पर विचार किया जाए, ऐसी मांग आंदोलनकारी किसानों ने की है।
किसानों ने कहा है कि, जमीन उनके परिवारों की आजीविका का मूल आधार है। जमीन बचाना केवल मिट्टी बचाना नहीं, बल्कि किसान परिवारों की आजीविका, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक अस्तित्व की रक्षा करना है। खेती पर ही परिवारों की आजीविका निर्भर होने के कारण प्रस्तावित विमानस्थल के लिए जमीन अधिग्रहित किए जाने से किसानों के सामने गंभीर संकट पैदा होने की आशंका है।