धुले में शालार्थ ID घोटाले के शिकायतकर्ता महेंद्र देसले से मारपीट करते भीड़ सोर्स: सोशल मीडिया
धुले

धुले में शालार्थ ID घोटाले के शिकायतकर्ता महेंद्र देसले के घर पर हमला, परिजनों से मारपीट, वीडियो आया सामने

Dhule Shalarth ID Scam: महाराष्ट्र के बहुचर्चित शालार्थ ID घोटाले के शिकायतकर्ता धुले के महेंद्र देसले के घर में भीड़ ने घुसकर हमला किया। देसले और उनके परिवार के सदस्यों के साथ भीड़ ने मारपीट की।

आकाश मसने

Dhule Shalarth ID Scam Complainant House Attack: महाराष्ट्र के धुले और नंदुरबार जिलों में करोड़ों रुपये के फर्जी शालार्थ ID घोटाले का पर्दाफाश करने वाले मुख्य शिकायतकर्ता महेंद्र देसले के घर पर अज्ञात भीड़ द्वारा जानलेवा हमला करने और पूरे परिवार के साथ बेरहमी से मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घटना धुले जिले के सिंदखेड़ा तालुका के मालिच गांव स्थित उनके आवास पर घटी। घटना के बाद से क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल।

घर में घुसकर तोड़-फोड़ और मारपीट

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महेंद्र देसले लगातार धुले और नंदुरबार जिलों में गैर-कानूनी तरीके से जारी की गई फर्जी शालार्थ ID के मामलों को उजागर कर रहे थे और प्रशासन के समक्ष इसकी सक्रियता से पैरवी कर रहे थे। इसी रंजिश के चलते एक उग्र भीड़ उनके मालिच गांव स्थित घर में जबरन घुस आई। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवार के अनुसार, हमलावरों ने घर में रखे सामान की भारी तोड़-फोड़ की और महेंद्र देसले को निशाना बनाया।

इतना ही नहीं, जब परिवार के सदस्यों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, तो हमलावरों ने देसले की पत्नी, उनके मासूम बच्चों और भतीजों के साथ भी मारपीट की। इस अचानक हुए हमले से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।

BJP से जुड़े शिक्षण संस्थान के एडमिनिस्ट्रेटर पर आरोप

शिकायतकर्ता महेंद्र देसले और उनके परिजनों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि इस सुनियोजित हमले के पीछे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े एक बड़े शिक्षण संस्थान के एडमिनिस्ट्रेटर एल.डी. देसले का हाथ है।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि शालार्थ ID घोटाले के कई अहम तार इस संस्थान और उसके प्रबंधकों से जुड़ते रहे हैं, जिसकी पोल खोलने के कारण ही उन्हें निशाना बनाया गया है। हालांकि, इन गंभीर आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक या कानूनी पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस प्रशासन पर मामला दर्ज न करने और टालमटोल का आरोप

घटना के बाद पीड़ित महेंद्र देसले जब लहूलुहान अवस्था में शिकायत दर्ज कराने के लिए स्थानीय नरदाना पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो पुलिस का रवैया बेहद निराशाजनक रहा। देसले ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने तुरंत FIR दर्ज करने के बजाय हीला-हवाली की और मामले को टालने की कोशिश की।

देसले ने मीडिया के समक्ष चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में उनकी या उनके परिवार के किसी भी सदस्य की जान को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसके लिए नंदुरबार और धुले जिले का स्थानीय प्रशासन, पालकमंत्री और संबंधित शिक्षा अधिकारी पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।

RPI नेता ने की निष्पक्ष जांच की मांग

इस घटना की खबर फैलते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के महासचिव डॉ. पंकज सालुंखे ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। डॉ. सालुंखे ने मांग की है कि घटना के उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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