Cannabis Cultivation Disguised News: धुले जिले के शिरपुर तहसील के दुर्गम टिटवापाणी क्षेत्र में कपास की फसल की आड़ में वन विभाग की जमीन पर कथित तौर पर गांजे की खेती किए जाने का मामला सामने आया है। शिरपुर तहसील पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग खेतों से कुल 480 किलो कैनाबिस सदृश्य मादक पदार्थ जब्त किया है। जब्त माल की अनुमानित कीमत करीब 24 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही दोनों संदिग्ध आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस के मुताबिक, 13 अगस्त को शिरपुर शहर थाने के प्रभारी अधिकारी पुलिस निरीक्षक जयपाल हिरे को सूचना मिली थी कि टिटवापाणी इलाके में वन विभाग की जमीन पर कपास की फसल के बीच कैनाबिस की अवैध खेती की जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई की तैयारी की।
इसके बाद सरकारी पंच, वजनकांटा धारक, फोटोग्राफर और राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में संबंधित स्थान पर छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान कपास के पौधों के बीच कथित तौर पर कैनाबिस के पौधे और मादक पदार्थ बरामद हुए।
पुलिस ने बताया कि टिटवापाणी, पोस्ट चिलारे निवासी मदन भरतसिंग पावरा के कब्जे में बताई जा रही वन भूमि से 300 किलो कैनाबिस बरामद किया गया। इसकी अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई है। वहीं चितौर निवासी अमित भावया पावरा के कब्जे में बताई जा रही वन भूमि से पुलिस ने 180 किलो कैनाबिस जब्त किया, जिसकी कीमत करीब 9 लाख रुपये आंकी गई है। इस तरह दोनों स्थानों से कुल 480 किलो मादक पदार्थ बरामद हुआ, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 24 लाख रुपये है।
पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही दोनों आरोपी कथित तौर पर खेत से फरार हो गए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दुर्गम इलाके में वन विभाग की जमीन पर कपास की खेती के साथ कथित रूप से गांजे के पौधे उगाए जा रहे थे। शिरपुर तहसील थाने में अपराध क्रमांक 233/2026 के तहत NDPS Act की धारा 8(c), 20(अ)(i) और 28 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद अपर पुलिस अधीक्षक अजय देवरे और एसडीपीओ सुधीर पाटिल के मार्गदर्शन में की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक जयपाल हिरे के नेतृत्व में पीएसआई मनोज कचरे, मिलिंद पवार तथा पुलिसकर्मियों संजय चव्हाण, सागर ठाकुर, संतोष पाटिल, संदीप ठाकरे और कैलास को कार्रवाई में शामिल किया गया। पुलिस अब फरार दोनों आरोपियों की तलाश के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की खेती के पीछे किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका तो नहीं थी।