चंद्रपुर में नशे के खिलाफ महाअभियान' 39 लाख के मादक पदार्थ जब्त, उद्योगों और स्कूलों पर रखी जाएगी नजर

Chandrapur NDPS Case: औद्योगिक शहर चंद्रपुर में एमडी और गांजे का नेटवर्क पैर पसार रहा है। पिछले 6 महीनों में एनडीपीएस के 119 मामलों में 158 लोगों पर कार्रवाई हुई है। जानिए प्रशासन का अगला कड़ा कदम।
Chandrapur NDPS Act Case Updates
चंद्रपुर जिला स्तरीय समिति बैठक (फोटो नवभारत)
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Chandrapur NDPS Act Case Updates: चंद्रपुर शहर औद्योगिक होने के कारण कई राज्यों से यहां आने वाले लोगों की संख्या देखते हुए यहां नशीले पदार्थों का जहर काफी फैल गया है। प्रशासन ने स्वयं बताया है कि बीते 6 माह में इससे जुड़े 119 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें 158 आरोपियों पर कार्रवाई भी की गई। सवाल यह है कि जिन पर कार्रवाई नहीं हुई, उनका आंकड़ा संभवतः बड़ा है। ऐसे में चंद्रपुर एमडी व गांजा का गढ़ बनते जा रहा है।

कुछ ही दिनों पूर्व शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके के एक पानठेले से पुलिस ने एमडी जब्त की थी। वहीं राजस्थान व मुंबई से जुड़े इसके तार भी कुछ मामलों से सामने आए थे। पुलिस इसकी तह तक नहीं पहुंच पाई है। सूत्रों की मानें तो इसके तार गुजरात से भी जुड़े होने की संभावना है। चंद्रपुर जिला तेलंगाना व छत्तीसगढ़ की सीमा से सटा है, ऐसे में सीमावर्ती इलाकों से इसकी तस्करी की आशंका भी है। हालांकि प्रशासन ने एनडीपीएस एक्ट के तहत हुई कार्रवाई का जायजा लिया, परंतु आपसी समन्वय न होने की बात अब सामने आ रही है। ऐसे में 'उड़ता चंद्रपुर' होने से कैसे बचाया जाएगा? ऐसा चिंतायुक्त सवाल लोगों को सता रहा है।

बहरहाल सोमवार को अतिरिक्त जिलाधिकारी डॉ. नितिन व्यवहारे की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई, जिसमें स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान तथा एमआईडीसी व रासायनिक उद्योगों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। चंद्रपुर जिले में मादक पदार्थों की बिक्री, भंडारण और सेवन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस विभाग ने पिछले छह माह के दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत 39 लाख 54 हजार 68 (39,54,068) रुपये मूल्य का मादक पदार्थ एवं अन्य सामग्री जब्त की है।

चंद्रपुर पुलिस विभाग के अनुसार आंकडे

  • गांजा तस्करी: कुल 15 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 27 आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
  • एमडी (MD) पाउडर रखना: कुल 8 मामले सामने आए, जिनमें 15 आरोपितों पर कार्रवाई की गई।
  • पॉपी स्ट्रॉ (डोडा चूरा): कुल 1 मामला दर्ज हुआ, जिसमें 2 आरोपित पाए गए।
  • मादक पदार्थों का सेवन: नशे के सेवन से जुड़े सबसे अधिक 95 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 114 लोगों पर कार्रवाई हुई।

मादक पदार्थों के बढ़ते उपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक अतिरिक्त जिलाधिकारी डॉ. नितिन व्यवहारे की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में आबकारी विभाग, पुलिस, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, शिक्षा विभाग, डाक विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता

बैठक में डॉ. व्यवहारे ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए जिले को नशामुक्त बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों और महाविद्यालयों में मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करने, एमआईडीसी क्षेत्र के रासायनिक उद्योगों का नियमित निरीक्षण करने, खाली पड़ी जगहों पर किसी प्रकार का अवैध उत्पादन नहीं हो रहा है इसकी जांच करने तथा वन एवं कृषि विभाग को गांजा और खसखस की अवैध खेती रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

समन्वय करें संबंधित विभाग

अतिरिक्त जिलाधिकारी डॉ. नितिन व्यवहारे ने कहा है कि चंद्रपुर जिले को नशामुक्त बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए। मादक पदार्थों से जुड़ी कोई भी जानकारी तत्काल पुलिस को दें। स्कूलों और महाविद्यालयों में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है।

आंकड़ों में कार्रवाई

विवरण आंकड़े
कुल मामले 119
कुल आरोपित 158
नशे के सेवन के मामले 95
गांजा के मामले 15
एमडी (MD) पाउडर के मामले 8
पॉपी स्ट्रॉ के मामले 1
जब्त सामग्री (मूल्य रुपये में) 39,54,068
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