अनिल देशमुख, सचिन वझे और देवेंद्र फडणवीस (फोटो: सोशल मीडिया) 
महाराष्ट्र

सचिन वझे के अचानक प्रकट होने के पीछे मास्टरमाइंड देवेंद्र फडणवीस? अनिल देशमुख के बयान से मची खलबली

बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वझे के शनिवार को लगाए गए आरोपों पर पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने पलटवार किया है। देशमुख ने वझे के आरोपों को उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की नई चाल बताते हुए सवाल पूछा है कि आखिर अचानक वझे के प्रकट होने और बयान बाजी के पीछे मास्टरमाइंड कौन है?

शुभम सोनडवले

मुंबई. बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वझे के शनिवार को लगाए गए आरोपों पर पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने पलटवार किया है। देशमुख ने वझे के आरोपों को उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की नई चाल बताते हुए सवाल पूछा है कि आखिर अचानक वझे के प्रकट होने और बयान बाजी के पीछे मास्टरमाइंड कौन है?

अनिल देशमुख ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वझे के आरोपों को खारिज कर दिया। देशमुख ने कहा कि मैंने चार-पांच दिन पहले ही देवेंद्र फडणवीस पर आरोप लगाए थे और तथ्यों को सामने लाया था कि उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे को जेल भेजने के लिए देवेंद्र फडणवीस ने मेरे सामने किस तरह से एक हलफनामा देने का प्रस्ताव रखा था। महाराष्ट्र की जनता के सामने ये मेरे इस खुलासे के बाद देवेंद्र फडणवीस ने नई चाल चली है। देशमुख का दावा है कि वझे के आरोप उनके खिलाफ फडणवीस की नई चाल है।

देशमुख ने सवाल कि क्या देवेंद्र फडणवीस नहीं जानते कि वझे के बारे में बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्या कहा? कोर्ट ने कहा था कि सचिन वझे आपराधिक पृष्ठभूमि वाला शख्स रहा है। इस वजह से उसके बयान पर यकीन नहीं किया जा सकता।

वझे को दोबारा किसने बहाल किया?

विधायक प्रसाद लाड नस कहा कि जून 2020 में सचिन वझे जैसे अपराधी को दोबारा किसने बहाल किया? उस वक्त वझे को किसका आशीर्वाद था? अनिल देशमुख ये बताएं!

जनता भूली नहीं है

भाजपा महिला प्रदेशाध्यक्ष चित्रा किशोर वाघ ने कहा, "जनता यह भूली नहीं है कि अनिल देशमुख पर सचिन वझे के आरोप बेहद गंभीर हैं और निलंबित रहते हुए देशमुख ने बहाल होने के लिए दो करोड़ रुपये की मांग की थी और वह पैसा शरद पवार को दिया था। वझे की बात करें तो भरे हॉल में उद्धव ठाकरे ने उसका बचाव किया था। क्या वझे, लादेन है? क्या आज पुणे में इस पर बोलेंगे उद्धव ठाकरे? क्या आप महाराष्ट्र की जनता को इस वसूली गैंग के बारे में और जानकारी देंगे...? हम इसका इंतजार कर रहे हैं।"

अचानक कैसे प्रकट हुआ वझे

कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा, "बीजेपी ने सरकारी सिस्टम का फिर दुरुपयोग किया है। जेल में बंद सचिन वझे को मीडिया से बात करने की अनुमति कैसे मिली? अनिल देशमुख और श्याम मानव ने फडणवीस का बुर्खा फाड़ा। इसके बाद अचानक वझे कैसे प्रकट हो गया? आखिर सचिन वझे से बुलवानेवाला कौन है? वझे की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को निलंबित करें।

वझे को इतना महत्व क्यों?

शिवसेना (उद्धव गुट) सांसद संजय राउत ने कहा, "जवाब देने के लिए फड़णवीस को जेल के प्रवक्ता की जरूरत पड़ती है। मैं ये बार-बार कहता रहा हूं किसरकार में कुछ प्रमुख लोग राजनीति और चुनाव जीतने के लिए गैंगस्टर गिरोहों और जेल के गुंडों का उपयोग कर रहे हैं, जो कि अब साबित हो गया होगा। जेल में उनका फोन जाता है। सरकार के नुमाइंदे जेल जा रहे हैं। आप हत्या और आतंकवाद के एक आरोपी के बयान को इतना महत्व दे रहे हैं।"

बीजेपी की गंदी राजनीति

एनसीपी (शरद पवार) सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, "100 करोड़ का आरोप लगाए हैं लेकिन अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई की चार्जशीट में इसका कोई जिक्र नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सिर्फ सत्ता में आने के लिए भाजपा इतनी गंदी राजनीति कर रही है।"

वझे के आरोपों में तथ्य नहीं

एनसीपी (शरद पवार) विधायक जयंत पाटिल ने कहा, "2 साल कुछ भी नहीं था लेकिन अचानक जेल में आरोपी सामने आकर प्रतिक्रिया देता है और प्रचार पाता है। विधानसभा चुनाव पास आ गए हैं। इसलिए ऐसा लगता है कि सब कुछ सोच समझ कर किया जा रहा है। साम, दाम, दंड, भेद का प्रयोग किया जा रहा है। सचिन वझे को महाराष्ट्र सरकार की दया की जरूरत है। वे ऐसा इसलिए कर रहे होंगे क्योंकि वह जेल से बाहर आना चाहते हैं। मैं सचिन वझे से कभी नहीं मिला, न ही उनका और मेरा कभी कोई रिश्ता था। उसने सरकार को खुश करने के लिए कुछ लिखा होगा, लेकिन लोग समझदार हैं।"

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