भाजपा और कांग्रेस की लड़ाई। इमेज-एआई 
महाराष्ट्र

भाजपा के फॉर्मूले से ही कांग्रेस ने दिया उसे मुंहतोड़ जवाब, कौन-सा है वो 'हथियार'?

Congress News : भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। इससे मेयर पद की सीट भाजपा के हाथों से खिसक गई। भाजपा नेता ने 9 पार्षदों को अपने साथ मिलाकर कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लिया।

रंजन कुमार

Congress Plan Against BJP : राजनीति में अक्सर कहा जाता है कि इतिहास खुद को दोहराता है। महाराष्ट्र की भिवंडी महानगरपालिका के मेयर चुनाव में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को उसके ही गढ़ में मात देते हुए कांग्रेस ने भाजपा के बागी नेता नारायण चौधरी को मेयर की कुर्सी पर बैठा दिया है। शुक्रवार को हुए इस नाटकीय चुनाव में नारायण चौधरी ने भाजपा की आधिकारिक उम्मीदवार स्नेहा पाटिल को करारी शिकस्त दी।

90 सदस्यों वाली भिवंडी महानगरपालिका में बहुमत के लिए 46 वोटों की दरकार थी। नारायण चौधरी को कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार), शिवसेना (यूबीटी) और अन्य छोटे दलों के समर्थन से 48 वोट मिले। दूसरी ओर भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी स्नेहा पाटिल महज 16 वोटों पर सिमट गईं। यह आंकड़ा साफ बताता है कि न केवल बागी, बल्कि भाजपा के अंदर मौजूद कई अन्य पार्षदों ने भी क्रॉस-वोटिंग की है।

बगावत की इनसाइड स्टोरी

दरअसल भाजपा ने पहले नारायण चौधरी को मेयर पद का चेहरा बनाने का संकेत दिया था, लेकिन अंतिम समय में पार्टी ने उनका पत्ता काटकर स्नेहा पाटिल को उम्मीदवार बना दिया। अपना अपमान महसूस करते हुए नारायण चौधरी ने 9 पार्षदों के साथ बगावत कर दी और नया गुट बनाकर कांग्रेस से हाथ मिला लिया। 30 सीटों वाली कांग्रेस ने इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया और भाजपा के बागी को अपना समर्थन देकर मास्टरस्ट्रोक खेल दिया।

सेंधमारी और बागी गुटों के सहारे सत्ता हासिल करने की रणनीति

भाजपा देशभर में विपक्षी दलों में सेंधमारी और बागी गुटों के सहारे सत्ता हासिल करने के लिए जानी जाती है। 2022 में महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की बगावत से उद्धव सरकार गिराना हो या 2020 में मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मिलकर कमलनाथ सरकार को सत्ता से बेदखल करना। भाजपा ने इसी फॉर्मूले का बखूबी इस्तेमाल किया है। आज भिवंडी में कांग्रेस ने ठीक वही किया। उसने अपनी कम सीटों (30) के बावजूद विपक्षी खेमे की फूट का फायदा उठाया और भाजपा के ही नेता को अपना मोहरा बनाकर भगवा खेमे को बैकफुट पर धकेल दिया। स्थानीय राजनीतिक पंडित इसे भाजपा के लिए घर का भेदी लंका ढाए वाली स्थिति बता रहे हैं। यह जीत आगामी निकाय चुनावों के लिए कांग्रेस के हौसले बुलंद करने वाली है।

आज की ताजा खबर 22 अगस्त LIVE: पटना में PhD छात्रों का विरोध प्रदर्शन; दिल्ली में बीजेपी की आज तीन अहम बैठकें

आज की ताजा खबर 21 अगस्त LIVE: एक क्लिक में पढ़ें दिनभर की सारी बड़ी खबरें

PM मोदी के 25 साल और 2029 का मेगा प्लान: नई जिम्मेदारियों की रूपरेखा होगी तैयार, क्या बदल जाएगी BJP की चाल?

चंडीगढ़ में ETT टीचर्स का प्रदर्शन, वित्त मंत्री हरपाल चीमा के घर का घेराव, 180 शिक्षक हिरासत में लिए गए

वकील कॉकरोच नहीं हो सकता... मनन मिश्रा का CJP और AAP को दो टूक जवाब, कहा- दम है तो चुनाव लड़ो