Sugar Stock Limit Imposed In Sambhajinagar: चीनी के बढ़ते दामों के बीच कृत्रिम किल्लत और जमाखोरी की शिकायतों को देखते हुए जिला आपूर्ति विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिले के बड़े स्टॉकिस्टों के लिए चीनी भंडारण की सीमा लागू कर दी गई है।
इसके साथ ही शहर में अचानक जांच अभियान शुरू किया गया है। अभियान की शुरुआत सोमवार को हडको स्थित डी-मार्ट से की गई।
आपूर्ति विभाग की टीम ने डी-मार्ट में चीनी के भंडार की जांच की, जहां करीब 12 से 13 क्विंटल चीनी मिलने की जानकारी जिला आपूर्ति अधिकारी प्रवीण फुलारी ने दी। यह भंडारण सीमा 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी।
राज्य सरकार के निर्देशों के तहत चीनी की जमाखोरी और कृत्रिम किल्लत पर रोक लगाने के लिए थोक व्यापारियों के भंडारण की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है। इसके अनुसार कोई भी थोक व्यापारी अधिकतम 10 मीट्रिक टन यानी 100 क्विंटल तक चीनी का भंडारण कर सकता है।
इससे अधिक मात्रा में चीनी का स्टॉक पाए जाने पर प्रशासन संबंधित व्यापारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। जांच के दौरान निर्धारित सीमा से अधिक भंडार मिलने या जानबूझकर चीनी की जमाखोरी किए जाने की पुष्टि होने पर संबंधित माल को जब्त किया जाएगा।
इसके साथ ही संबंधित व्यापारी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। प्रशासन का उद्देश्य बाजार में चीनी की कृत्रिम किल्लत और कालाबाजारी पर अंकुश लगाना है, ताकि उपभोक्ताओं को उचित दर पर चीनी उपलब्ध हो सके। अधिकारियों ने व्यापारियों से निर्धारित सीमा का पालन करने की अपील की है।
जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए छत्रपति संभाजीनगर जिले में 10 विशेष जांच दल गठित किए गए हैं। इनमें नौ दल तहसील स्तर पर और एक जिला स्तर पर काम करेगा। मॉल के अलावा बड़े मिठाई विक्रेताओं, थोक व्यापारियों, बेकरी तथा शीतल पेय कंपनियों के गोदामों की भी अचानक जांच की जाएगी। जिला आपूर्ति अधिकारी प्रवीण फुलारी ने कहा कि जिले में चीनी की जमाखोरी रोकने के लिए व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है।