Teacher Couple Alleges Conversion Pressure: छत्रपति संभाजीनगर जिले के वैजापुर तहसील से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्थायी नौकरी का लालच देकर शिक्षक दंपती का धर्मांतरण कराने, करीब दो साल तक बिना वेतन काम कराने और नौकरी स्थायी करने के नाम पर 5 लाख रुपए लेने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
पीड़ित शिक्षक बालासाहेब साठे की शिकायत के आधार पर विरगांव पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत के मुताबिक, बालासाहेब साठे और उनकी पत्नी पूजा साठे वर्ष 2024 से छत्रपति संभाजीनगर के शांतीसदन प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के रूप में कार्यरत थे।
दोनों को उम्मीद थी कि अनुभव और लगातार सेवा के आधार पर उनकी नौकरी जल्द स्थायी कर दी जाएगी। हालांकि, आरोप है कि नौकरी पक्की करने के लिए उनके सामने धर्मांतरण की शर्त रखी गई। शिकायत में दावा किया गया है कि दंपती ने नौकरी स्थायी होने की उम्मीद में धर्मांतरण किया, लेकिन इसके बाद भी उन्हें स्थायी नियुक्ति नहीं दी गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शिकायत के मुताबिक, फादर जेरल्ड ने शिक्षक दंपती बालासाहेब साठे और उनकी पत्नी पूजा को स्थायी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। आरोप है कि नौकरी पक्की करने के लिए दंपती पर धर्मांतरण करने का दबाव बनाया गया। शिकायत में कहा गया है कि स्थायी नियुक्ति की उम्मीद में दोनों ने माली घोगरगांव में धर्मांतरण किया।
दंपती को विश्वास था कि धर्मांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विद्यालय में उनकी नौकरी नियमित और स्थायी कर दी जाएगी। हालांकि, आरोप है कि धर्मांतरण के बाद भी उन्हें स्थायी नियुक्ति नहीं मिली। इससे दंपती को कथित तौर पर निराशा हुई और उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की।
शिकायत के आधार पर विरगांव पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छत्रपति संभाजीनगर पुलिस अब धर्मांतरण और नौकरी स्थायी कराने के कथित आश्वासन के बीच संबंधों की जांच कर रही है।