Radhakrishna Vikhe Patil Meets Manoj Jarange: मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख चेहरे मनोज जरांगे पाटिल की सेहत का हाल जानने और कुणबी प्रमाण पत्र वितरण में आ रही अड़चनों को सुलझाने के लिए जल संसाधन मंत्री डॉ. राधाकृष्ण विखे पाटिल ने अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की।
मनोज जरांगे से मुलाकात के ठीक बाद मंत्री विखे पाटिल ने एक बड़ी घोषणा करते हुए मराठवाड़ा के नागरिकों को कागजी प्रक्रियाओं में बड़ी राहत देने का ऐलान किया है।
मनोज जरांगे पाटिल से भेंट के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने बताया कि कुणबी जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में आ रही सभी व्यावहारिक और तकनीकी बाधाओं को स्थायी रूप से समाप्त किया जा रहा है। इसके लिए मराठवाड़ा के प्रत्येक जिले में कलेक्टर स्तर पर एक उच्चाधिकार प्राप्त विशेष समिति गठित की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मराठा आरक्षण की पृष्ठभूमि में विभागीय स्तर पर पहले ही SOP तैयार कर ली गई थी। हालांकि, कई क्षेत्रों में पुराने रिकॉर्ड्स, वंशावली और दस्तावेज खोजने में काफी अड़चनें आ रही थीं, जिससे प्रमाण पत्र जारी होने की प्रक्रिया धीमी पड़ गई थी। अब गठित होने वाली इस जिलास्तरीय विशेष समिति को सभी आवश्यक प्रशासनिक अधिकार प्रदान किए जाएंगे। इससे नागरिकों को पुरानी नोंदों और दस्तावेजों तक सीधी व आसान पहुंच मिलेगी। विखे पाटिल ने भरोसा दिलाया कि तय प्रक्रिया के अनुसार इसका आधिकारिक GR जल्द ही जारी कर दिया जाएगा।
अस्पताल में रहने के दौरान मंत्री विखे पाटिल ने मनोज जरांगे का इलाज कर रहे डॉक्टरों की टीम से विस्तार से बातचीत की और उनकी प्रकृती तथा चल रहे उपचार का ब्योरा लिया। डॉक्टरों ने उन्हें जानकारी दी कि लंबे समय तक चले अनशन के कारण मनोज जरांगे के शरीर में अत्यधिक कमजोरी आ गया है। उन्हें फिलहाल पूरी तरह से बेड रेस्ट और विश्राम की सख्त जरूरत है। डॉक्टरों के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में उनकी सेहत में बेहतर सुधार आने की उम्मीद जताई गई है।
इस मुलाकात और विखे पाटिल द्वारा की गई इस घोषणा के बाद मराठवाड़ा में कुणबी प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया को लेकर बनी असमंजस की स्थिति और प्रशासनिक अड़चनों के दूर होने का मार्ग साफ हो गया है।