

Lightning Strike Victims Financial Help: छत्रपति संभाजीनगर में पिशोर के वाघूलखेडा में बिजली गिरने से जान गंवाने वाली तीन महिलाओं के परिवारों को शासन की ओर से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई।
विधायक संजना जाधव की पहल से उपलब्ध कराई गई सहायता राशि प्रशासन की ओर से मृत महिलाओं के परिजनों को सौंपी गई।
अचानक हुई इस प्राकृतिक आपदा में तीन महिलाओं की मृत्यु से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। घटना के बाद प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की। इसके तहत प्रत्येक परिवार को 4 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई।
जिलाधिकारी विनय गोवडा, उपविभागीय अधिकारी गोरड तथा आपदा प्रबंधन विभाग के मार्गदर्शन में तहसीलदार सारिका भगत ने मृत महिलाओं के परिजनों को सहायता राशि सौंपी। इस अवसर पर संबंधित अधिकारी, जनप्रतिनिधि, ग्रामवासी और मृत महिलाओं के परिजन उपस्थित थे।
संकट की इस घड़ी में सरकार की ओर से आर्थिक सहायता मिलने से पीड़ित परिवारों को कुछ राहत मिली है। परिजनों ने समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया।
विधायक संजना जाधव ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए बिना किसी विलंब के राज्य सरकार और जिला प्रशासन से संपर्क साधा।
जनप्रतिनिधि की इस त्वरित पहल और मानवीय दृष्टिकोण के कारण ही कागजी प्रक्रियाओं को गति मिली और महज कुछ ही दिनों के भीतर सरकारी सहायता राशि सीधे पीड़ित परिजनों तक पहुंच सकी।
सहायता राशि वितरण के साथ-साथ छत्रपति संभाजीनगर जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए जागरूकता और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी विनय गोवडा के मार्गदर्शन में तहसील प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि मानसून के दौरान वज्रपात संभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों को समय पर अलर्ट भेजा जाए।
इसके अलावा, आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा गांवों में 'क्या करें और क्या न करें' से संबंधित सूचना बोर्ड लगाने और किसानों व खेत मजदूरों को बिजली गिरने के समय सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के उपाय समझाने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।