छत्रपती संभाजीनगर महानगरपालिका रोड  प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: सोशल मीडिया
छत्रपति संभाजीनगर

संभाजीनगर में बदहाल सड़कों को मिलेगी राहत! महानगरपालिका ने तत्काल मरम्मत के लिए 99 लाख रुपए किए मंजूर

Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation: वर्तमान में 35 संवेदनशील स्थानों पर GSB तकनीक से मरम्मत, 99 लाख रुपये से अत्यावश्यक स्थानों पर काम कर नागरिकों को तत्काल राहत देने की तैयारी है।

प्रमोद यादव

Critical Locations GSB Technique News: छत्रपति संभाजीनगर में बारिश के बाद शहर की सड़कों पर बने गड्ढोंऔर उबड़-खाबड़ सतह ने वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई प्रमुख मार्गों पर सड़क की परत उखड़ने के साथ ही नई बनी कंक्रीट सड़कों के जोड़ भी वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए महानगरपालिका ने तत्काल राहत के लिए 99 लाख रुपये का प्रावधान किया है।

संभाजीनगर शहर के 35 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं। जहां प्राथमिकता के आधार पर जीएसबी तकनीक से पैचवर्क कराया जाएगा। हालांकि, नई जलापूर्ति योजना के लिए जीवीपीआर द्वारा खोदी गई सड़कों को इस मरम्मत अभियान से बाहर रखा गया है। बारिश के कारण सड़कों की हालत लगातार खराब हुई है।

गड्ढों के चलते चालकों को हो रही परेशानी

जगह-जगह बने गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी हो रही है। वहीं कांक्रीटीकरण के बाद दो अलग-अलग हिस्सों के बीच बने ऊंच-नीच वाले जोड़ भी दुर्घटना का खतरा बढ़ा रहे हैं। महानगरपालिका का मानना है कि बारिश के मौसम में स्थायी सड़क निर्माण या बड़े पैमाने पर मरम्मत तकनीकी रूप से उचित नहीं होगी। इसलिए फिलहाल पैचवर्क के जरिये यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

महानगरपालिका ने सड़क की स्थिति और यातायात की आवश्यकता को देखते हुए 35 स्थानों को प्राथमिकता सूची में रखा है। इन स्थानों पर जीएसबी तकनीक का इस्तेमाल कर क्षतिग्रस्त हिस्सों की अस्थायी मरम्मत की जाएगी।

काम जल्द शुरू होने की जताई संभावना

आने वाले दिनों में काम शुरू होने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, बारिश के दौरान तत्काल मरम्मत का उद्देश्य सड़क को पूरी तरह नया बनाना नहीं, बल्कि गड्ढों और खतरनाक हिस्सों से वाहन चालकों को अस्थायी राहत देना है।

सड़कों की पुनर्बहाली का खर्च नहीं उठाएगी मनपा

महापौर समीर राजूरकर ने स्पष्ट किया कि संभाजीनगर महानगरपालिका अपने अधिकार क्षेत्र की सड़कों पर पैचवर्क कर रही है। कंक्रीट की दो सड़कों के बीच बने असमान हिस्सों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। लेकिन GVPR  द्वारा खोदी गई सड़कों की पुनर्बहाली का खर्च महानगरपालिका नहीं उठाएगी। संबंधित एजेंसी को ही इन सड़कों की स्थिति सुधारनी होगी।

विभागीय आयुक्त जी श्रीकांत के अनुसार, वर्तमान में 35 स्थानों को पैचवर्क के लिए चुना गया है। यदि बारिश के बाद और स्थानों पर बड़े पैमाने पर मरम्मत की जरूरत सामने आती है तो उसके लिए अतिरिक्त निधि की व्यवस्था करनी होगी। फिलहाल 99 लाख रुपये से अत्यावश्यक स्थानों पर काम कर नागरिकों को तत्काल राहत देने की तैयारी है।

क्षतिग्रस्त सड़कों की होगी स्थायी मरम्मत

नई जलापूर्ति योजना के लिए जीवीपीआर ने शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कें खोदी हैं। नियमानुसार खुदाई के बाद संबंधित एजेंसी को सड़क की पूर्व स्थिति बहाल करनी है। लेकिन जालना रोड सहित कई स्थानों पर सड़क पुनर्बहाली का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। इन सड़कों को महानगरपालिका के 99 लाख रुपये के पैचवर्क में शामिल नहीं किया गया है।

महानगरपालिका का तर्क है कि जिन सड़कों को किसी बाहरी एजेंसी ने विकास कार्य के लिए खौदा है, उनका पुननिर्माण उसी एजेंसी की जिम्मेदारी है। ऐसे में उन पर मनपा का पैसा खर्च करना उचित नहीं होगा। इसका सीधा असर फिलहाल उन मार्गों से गुजरने वाले वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है।

99 लाख रुपये का यह अभियान तत्काल राहत तक सीमित रहेगा। बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थायी मरम्मत और जरूरत वाले स्थानों पर पुनर्निर्माण किया जाएगा। यदि जांच के दौरान खराब सड़कों की संख्या बढ़ती है तो अतिरिक्त निधि की आवश्यकता भी पड़ सकती है।

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