

CM Fadnavis Review New Water Supply Project: छत्रपति संभाजीनगर शहर की बहुप्रतीक्षित नई जलापूर्ति योजना को लेकर महापौर समीर राजूरकर की पहल का तत्काल असर देखने को मिला है। महापौर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र सौंपकर परियोजना के अंतिम चरण की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समन्वय बैठक बुलाने की मांग की थी।
इसके तुरंत बाद राज्य सरकार ने 15 जुलाई को मुंबई के मंत्रालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में जलापूर्ति योजना और शहर के पेयजल प्रश्न पर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है।
इस घटनाक्रम को महापौर की सक्रिय पहल का परिणाम माना जा रहा है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिला है कि शहर के पानी के मुद्दे को राज्य सरकार ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है।
महापौर समीर राजूरकर ने हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर कहा था कि छत्रपति संभाजीनगर की नई जलापूर्ति योजना अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। ऐसे समय में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और समयबद्ध निर्णय अत्यंत आवश्यक हैं।
उन्होंने महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण, विभागीय आयुक्त, सदस्य सचिव, मुख्य अभियंता, परियोजना से जुड़े समिति सदस्यों तथा महानगरपालिका आयुक्त की संयुक्त समीक्षा बैठक बुलाने का आग्रह फडणवीस से किया था, ताकि शेष कार्यों में तेजी लाई जा सके।
महापौर के पत्र के तुरंत बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने 15 जुलाई को मुंबई में समीक्षा बैठक निर्धारित कर दी। बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्वयं अध्यक्षता करेंगे। इसमें महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण, महानगरपालिका, विभागीय प्रशासन तथा परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, तकनीकी अड़चनें, जल वितरण व्यवस्था, शेष निर्माण कार्य तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा होगी।
हाल ही में नई योजना के तहत जयकवाड़ी बांध से 50 एमएलडी अतिरिक्त पानी नक्षत्रवाड़ी जलशुद्धीकरण केंद्र तक पहुंचा है। अब इस अतिरिक्त पानी का नियमित वितरण, पुरानी और नई व्यवस्था का समन्वय तथा शेष तकनीकी कार्यों को पूरा करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। बैठक में इन सभी विषयों पर ठोस निर्णय लिए जाने की संभावना है।
महापौर समीर राजूरकर ने मुख्यमंत्री फडणवीस को सौंपे अपने पत्र में कहा है कि परियोजना के अंतिम चरण में तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने की आवश्यकता है।
यदि सभी संबंधित विभाग एक साथ बैठकर समीक्षा करेंगे तो संभावित बाधाओं का समय रहते समाधान हो सकेगा और शहरवासियों को नियमित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।
नई जलापूर्ति योजना लंबे समय से शहर की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल रही है। वर्षों से इस योजना के पूर्ण होने का इंतजार कर रहे नागरिकों को अब उम्मीद है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली समीक्षा बैठक के बाद परियोजना के शेष कार्यों में तेजी आएगी और शहर को नियमित, पर्याप्त तथा सुचारु जलापूर्ति का लाभ शीघ्र मिल सकेगा।
महापौर समीर राजूरकर की पहल और सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया को जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट