Mahavitaran Revealed Instances Electricity News: छत्रपती संभाजीनगर बिजली चोरी के खिलाफ महावितरण ने राज्यभर में अभियान तेज कर दिया है। अप्रैल से जुलाई के बीच घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक और अन्य श्रेणियों में जांच के दौरान 19,599 बिजली चोरी के मामले सामने आए हैं। इनमें अकेले जुलाई में पकड़े गए 11,032 मामले शामिल हैं।
महावितरण की विशेष जांच में सीधे तार में हुक लगाकर बिजली इस्तेमाल करने और मीटर में छेड़छाड़ जैसे मामले सामने आए। जांच के दौरान 15,965 मामलों में 30 करोड़ 36 लाख रुपये की बिजली चोरी का खुलासा हुआ है। इन मामलों का मूल्यांकन पूरा कर संबंधित उपभोक्ताओं को बिजली चोरी की राशि के बिल जारी किए गए हैं।
महावितरण की क्षेत्रवार कार्रवाई में कोकण क्षेत्र सबसे आगे रहा। अप्रैल से जुलाई के दौरान कोकण में 7,496 छत्रपती संभाजीनगर क्षेत्र में 4,597 और पुणे क्षेत्र में 2,985 बिजली चोरी के मामले पकड़े गए।
महावितरण के अनुसार, पकड़े गए 15,965 मामलों में मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। संबंधित उपभोक्ताओं को चोरी की बिजली की राशि के बिल जारी किए गए हैं। अब तक 6,629 उपभोक्ताओं ने कुल 14.12 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।
बिजली चोरी के मामलों में नियमानुसार समझौता शुल्क भी लगाया जा रहा है। अब तक 4,959 मामलों में 1.85 करोड़ रुपये का समझौता शुल्क वसूला गया है। महावितरण की ओर से बिजली चोरी रोकने के लिए नियमित जांच और आकस्मिक निरीक्षण जारी रखने की जानकारी दी गई है।
जुलाई से बिजली चोरी के खिलाफ अभियान को और तेज किया गया। सिर्फ जुलाई में पकड़े गए मामलों में छत्रपती संभाजीनगर क्षेत्र के 2,365 कोकण के 4,084 और पुणे क्षेत्र के 2,259 मामले शामिल हैं।
जुलाई में सामने आए मामलों में से 8,462 मामलों का मूल्यांकन पूरा हो चुका है। महावितरण की टीमें शेष मामलों का मूल्यांकन करने के साथ संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर रही हैं।
महावितरण ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी से न केवल कंपनी को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि विद्युत व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसे रोकने के लिए जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।