Marathwada Graduate Election MLC Election: छत्रपति संभाजीनगर, मराठवाड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद कुल 62 उम्मीदवारों ने पर्चे दाखिल किए हैं। महायुति के सतीश चव्हाण के सामने एम.के. देशमुख और MVA के दिलीप घुगे के साथ प्रतापसिंह पाटील की उम्मीदवारी से मुकाबला रोचक हो गया है।
छत्रपति संभाजीनगर, मराठवाड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के साथ बहुकोणीय मुकाबले की ओर बढ़ गया है। नामांकन के अंतिम दिन मंगलवार को 35 उम्मीदवारों ने पर्चे दाखिल किए, जबकि इससे पहले 27 उम्मीदवार नामांकन कर चुके थे। इस तरह कुल 62 नामांकन दाखिल हुए हैं। हालांकि, नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद ही मैदान में रहने वाले उम्मीदवारों की वास्तविक संख्या स्पष्ट होगी।
इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा प्रमुख गठबंधनों के भीतर सामने आई अलग-अलग उम्मीदवारी को लेकर है। महायुति की ओर से राष्ट्रवादी कांग्रेस के अजित पवार गुट के सतीश चव्हाण को उम्मीदवार बनाया गया है। उनके सामने भाजपा से जुड़े बताए जा रहे एम.के. देशमुख ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया है।
महायुति ने मराठवाड़ा स्नातक सीट राष्ट्रवादी कांग्रेस के अजित पवार गुट के लिए छोड़ी है और सतीश चव्हाण को उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद देशमुख ने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में पर्चा दाखिल किया। देशमुख ने अपनी उम्मीदवारी को लेकर कहा है कि वे इसे बगावत नहीं मानते और भाजपा के साथ मैत्रीपूर्ण मुकाबले की बात पहले भी रख चुके हैं।
अब यह देखना होगा कि नाम वापसी की अवधि में उनकी उम्मीदवारी कायम रहती है या गठबंधन के भीतर स्थिति बदलती है।
दूसरी ओर महाविकास आघाड़ी की ओर से शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट ने दिलीप घुगे को उम्मीदवार बनाया और उन्होंने नामांकन दाखिल किया। इसके बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस के शरदचंद्र पवार गुट के धाराशिव जिला अध्यक्ष डॉ. प्रतापसिंह पाटील ने भी पर्चा दाखिल कर दिया। इससे MVA के भीतर भी एक से अधिक दावेदार सामने आ गए हैं।
पाटील ने उम्मीद जताई है कि घुगे अपना नाम वापस ले सकते हैं, जबकि गठबंधन स्तर पर बातचीत जारी रहने की बात सामने आई है। अंतिम स्थिति नाम वापसी के बाद ही स्पष्ट होगी।
नामांकन के अंतिम दिन विभागीय आयुक्त कार्यालय परिसर में विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थकों की भीड़ रही। भाजपा, शिवसेना के दोनों गुट, राष्ट्रवादी कांग्रेस के दोनों गुट, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय समाज पक्ष, एमआईएम और रिपब्लिकन पार्टी सहित कई दलों के उम्मीदवारों ने पर्चे दाखिल किए।
अब नामांकन पत्रों की जांच और 9 अक्टूबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 62 नामांकन में से कितने उम्मीदवार वास्तव में चुनाव मैदान में रहेंगे।