

Butibori MIDC Housing Project: महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) गरीब व माध्यमवर्गीय लोगों के साथ ही अन्य वर्गों के लिए भी आवास और कमर्शियल परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रहा है। इसी क्रम में म्हाडा ने एडिशनल बुटीबोरी में स्थानीय कामगारों और अधिकारियों को सस्ते आवास मुहैया करने की पहल की है।
संभवतः इस परियोजना के क्रियान्वित होने से जल्द ही एडिशनल बूटीबोरी में औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कामगारों, कामकाजी लोगों और अधिकारियों को सस्ते आवास के अलावा आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) ने अतिरिक्त बूटीबोरी में महाराष्ट्र इंडस्ट्रयल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमआईडीसी) की 35 हेक्टेयर जमीन पर इस परियोजना को साकार करने की योजना बनाई है।
इस पर तेजी से काम भी किया जा रहा है। महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्रविकास प्राधिकरणा ने यहां आवास योजना को विकसित करने के लिए एमआईडीसी की 35 हेक्टेयर जमीन की मांग का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजा है। सरकार की तरफ से इस परियोजना पर सकारात्मक प्रतिसाद मिला है।
महाडा को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही एमआईडीसी की जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान कर इसे आगे - बढ़ाएगी।
म्हाडा ने जमीन के लिए की गई - मांग में रेट भी तय किए है। यदि संभावित दर पर यह जमीन म्हाडा को हस्तांतरित कर दी जाती है तो जल्द ही यहां कामगारों को सस्ते आवास और सस्ती आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी।
महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) ने महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल की इस जमीन पर प्रस्तावित परियोजना में आवास के साथ-साथ नागरिकों के लिए सामाजिक सुविधायें देने की तैयारी भी दिखाई है।
म्हाडा के अनुसार इस परियोजना में 1.2 और 3 BHK के फ्लैट्स तो बनाए ही जाएंगे, साथ ही यहां पर अस्पताल और स्कूल भी विकसित किया जाएगा, इतना ही नहीं, नागरिकों के लिए कई ढांचागत सुविधाएं होंगी। गार्डन बनाने की भी योजना है।
म्हाडा ने इस परियोजना को लेकर बूटीबोरी मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन (बीएमए) के साथ भी बैठक की है, म्हाडा के अनुसार एसोसिएशन ने भी इस परियोजना को लेकर सहमति जताई है।
एसोसिएशन भी चाहता है कि स्थानीय कामगारों को सस्ते घर और आवासीय सुविधाएं मिलनी चाहिए, इससे उन्हें सहूलियत होगी और औद्योगिक क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। इसके अलावा मंत्रालय में भी म्हाडा ने इस प्रोजेक्ट को लेकर कई बैठकें की है।
इस परियोजना पर काम चल रहा है, क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र के लोगों को आवासीय सुविधाएं देना ही हमारा लक्ष्य है। सरकार के पास जमीन के लिए मांग की गई है, सस्ती जमीन मिलती है तो नागरिकों को सस्ता आवास मिल सकेगा, सरकार की तरफ से भी इसे अच्छा प्रतिसाद मिला है। समय- समय पर बैठकें ली जा रही है।
डॉ. विजय इंगोले, मुख्य अधिकारी, म्हाडा