Manoj Jarange Warning To Govt: मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने सूखे की स्थिति को लेकर सरकार से सभी प्रभावित क्षेत्रों में एकसमान राहत देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल औपचारिक राहत देने के बजाय पूर्ण कर्जमाफी, अनुदान और प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये मुआवजा दिया जाना चाहिए।
शनिवार को प्रेस वार्ता में जरांगे ने कहा कि अंतरवाली सराटी में आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। वहां का मंच और पंडाल भी हटा दिया गया है। यदि सरकार ने मांगें स्वीकार नहीं कीं तो पाटोदा से ‘मिशन-3’ शुरू किया जाएगा और आगे मुंबई की ओर आंदोलन ले जाया जाएगा।
मनोज जरांगे ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर येवला, परली अथवा पश्चिमी महाराष्ट्र में भी आंदोलन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब आंदोलन को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इससे पहले सितंबर में वे अंतरवाली सराटी से मुंबई की ओर कूच कर चुके थे, लेकिन बाद में आंदोलन स्थगित किया गया था।
जरांगे ने समर्थकों से दशहरा सम्मेलन में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नारायणगढ़ में इस बार छोटा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सूखे की स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपील की कि जिन लोगों के लिए आना संभव हो, वही सम्मेलन में शामिल हों।
उन्होंने अपने आगामी दौरे और अभियान की भी जानकारी दी। जरांगे के अनुसार अब आंदोलन को पहले की तुलना में अधिक योजनाबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विरोध करने वालों और अपने पक्ष में बोलने वालों की संख्या बढ़नी चाहिए, ताकि लोगों के सामने सभी पक्ष स्पष्ट रूप से सामने आएं।
प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के संबंध में पूछे गए सवाल पर जरांगे ने कहा कि यदि जानबूझकर उन्हें परेशान करने का प्रयास किया गया तो वह जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जांच होने दें, नोटिस कहां है, इस पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने जेल जाने के लिए भी तैयार होने की बात कही।
शिवसेना और एकनाथ शिंदे को लेकर पूछे गए सवाल पर जरांगे ने कहा कि फिलहाल वह इस विषय पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को कभी मित्र माना गया, उनके रुख में बदलाव सामने आ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अब वह किसी सरकारी जिम्मेदारी में उलझने के बजाय सड़क पर आंदोलन की भूमिका निभाएंगे।