मनोज जरांगे पर संजय लाखे पाटील का आरोप, बोले- विखे पाटील ने अस्पताल में पहुंचाया हप्ता

Manoj Jarange Patil Eknath Shinde Controversy: मनोज जरांगे पाटील के एकनाथ शिंदे पर दिए बयान के बाद संजय लाखे पाटील ने उन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने विखे पाटील को लेकर भी दावा किया।
Political rhetoric involving Manoj Jarange Patil and Eknath Shinde
मनोज जरांगे पाटील, डॉ. संजय लाखे पाटील, राधाकृष्ण विखे पाटील(सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Sanjay Lakhe Patil Allegations Radhakrishna Vikhe Patil Jarange: मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच बयानबाजी के बीच अब शिवसेना प्रवक्ता और मराठा राज्य समन्वयक डॉ. संजय लाखे पाटील ने जरांगे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

उन्होंने दावा किया कि मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने छत्रपति संभाजीनगर के गैलेक्सी अस्पताल में जाकर मनोज जरांगे को कथित तौर पर ‘हप्ता’ दिया और उनके कहने पर जरांगे ने एकनाथ शिंदे की बदनामी की ‘सुपारी’ ली। यह आरोप संजय लाखे पाटील ने बुधवार को जालना में मीडिया से बातचीत के दौरान लगाए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

गरीब मराठों और जरांगे का संबंध नहीं

संजय लाखे पाटील ने आरोप लगाया कि मनोज जरांगे पाटील और गरीब मराठा समाज के बीच अब कोई संबंध नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि जरांगे ने एकनाथ शिंदे को लगातार निशाना बनाया है और इसके पीछे राजनीतिक उद्देश्य होने का दावा किया।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि हैदराबाद गजट के मुद्दे पर जरांगे ने सरकार को एक साल का समय क्यों दिया। हालांकि, ये सभी बातें संजय लाखे पाटील के राजनीतिक आरोप और सवाल हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं है।

जरांगे ने शिंदे पर क्या कहा था?

इससे पहले मनोज जरांगे पाटील ने अपने सहयोगियों और आंदोलन से जुड़े लोगों की आयकर विभाग द्वारा संभावित जांच को लेकर एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा था। रिपोर्टों के अनुसार, जरांगे ने सवाल उठाया कि मराठा आंदोलन से जुड़े लोगों की जांच क्यों की जा रही है और कहा कि आंदोलनकारियों को जांच का सामना करने में डर नहीं है।

जरांगे ने यह भी कहा था कि सत्ता हमेशा कायम नहीं रहती और शिंदे गुट के नेताओं द्वारा मराठा आंदोलन से जुड़े लोगों की जांच कराए जाने को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथियों और आंदोलन से जुड़े लोगों को जांच के जरिए परेशान किया जा रहा है।

Political rhetoric involving Manoj Jarange Patil and Eknath Shinde
सुप्रीम कोर्ट से विशाखा राउत को राहत, वार्ड 191 की सीट भरने पर रोक; जाति प्रमाणपत्र मामले में जल्द फैसला

आयकर जांच को लेकर भी बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

मनोज जरांगे पाटील से जुड़े कुछ लोगों के आर्थिक लेन-देन की आयकर विभाग द्वारा जांच किए जाने की खबरें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह जांच कुछ सहयोगियों और उनसे जुड़े लोगों के आर्थिक व्यवहार से संबंधित बताई जा रही है। हालांकि, जांच को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में आधिकारिक तौर पर यह स्थापित नहीं किया गया है कि इसके पीछे किसी राजनीतिक व्यक्ति का निर्देश था।

जरांगे पाटील ने इस मुद्दे को लेकर शिंदे पर राजनीतिक निशाना साधा है, जबकि संजय लाखे पाटील ने जरांगे के बयानों पर पलटवार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। इस तरह मराठा आरक्षण और आंदोलन से जुड़े मुद्दों के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हुई है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com