

Maharashtra Drought 2026: महाराष्ट्र में सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने 265 तालुकों में सूखा घोषित किया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। सूखा प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए कई उपाय तत्काल लागू किए गए हैं।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित मंत्रिमंडल के सहयोगी पिछले कुछ दिनों से किसानों के बीच जाकर जमीनी स्थिति का जायजा ले रहे हैं। कृषि और राजस्व विभागों से प्राप्त रिपोर्ट तथा समीक्षा के आधार पर ‘ट्रिगर-1’ लागू हुए 265 तालुकों में सूखा घोषित करने का शासन निर्णय जारी किया गया है।
सरकार की ओर से सूखा प्रभावित किसानों को जमीन के राजस्व में राहत, फसल ऋण के पुनर्गठन और कृषि संबंधी कर्ज की वसूली पर स्थगन जैसी सुविधाएं देने की बात कही गई है। कृषि पंपों के बिजली बिल में राहत के साथ सूखे की स्थिति में किसानों के कृषि पंपों की बिजली आपूर्ति नहीं काटने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सूखा केवल पानी की समस्या नहीं है, बल्कि इसका असर किसान, खेत मजदूर, पशुधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। इसी को देखते हुए रोजगार गारंटी योजना के तहत अधिक से अधिक काम उपलब्ध कराने के लिए नियमों में छूट दी गई है। जरूरत वाले क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
किसानों और खेत मजदूरों के लिए खाद्यान्न तथा पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं। जलसंधारण के कार्य भी शुरू किए जाएंगे। सूखे का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर न पड़े, इसके लिए स्कूल और कॉलेज की परीक्षा फीस में छूट देने की घोषणा भी की गई है।
फसल नुकसान को लेकर भी प्रशासन को तत्काल पंचनामा करने के निर्देश दिए गए हैं। नुकसान का रिकॉर्ड फोटो और GPS कोऑर्डिनेट्स के साथ दर्ज किया जाएगा। हालांकि, फसल नुकसान के लिए किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता की राशि अलग शासन निर्णय के जरिए घोषित की जाएगी।
शिंदे ने कहा कि सूखा घोषित करना केवल शुरुआत है, सरकार का अंतिम लक्ष्य प्रभावित किसानों तक वास्तविक मदद पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि संकट कितना भी बड़ा हो, किसानों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उनकी दिवाली काली नहीं होगी।
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना के तहत आधार प्रमाणीकरण पूरा कर चुके 12.58 लाख किसानों को अगस्त के अंत तक 10,115 करोड़ रुपए वितरित किए जाने की जानकारी भी उपमुख्यमंत्री शिंदे ने दी।