मनोज जरांगे (सोर्स: सोशल मीडिया)
छत्रपति संभाजीनगर

मेरी भाषा का बहाना बनाकर मत भागो! संभाजीनगर बैठक में रचा गया आंदोलन खत्म करने का षड्यंत्र, जरांगे का बड़ा आरोप

Manoj Jarange Patil Maratha Reservation Fast: मराठा आरक्षण को लेकर जालना के अंतरवाली सराटी में मनोज जरांगे पाटिल का अनशन जारी है। मनोज जरांगे ने सरकार पर आंदोलन खत्म करने के षड्यंत्र का आरोप लगाया।

गोरक्ष पोफली

Manoj Jarange Patil Allegations: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर जालना जिले के अंतरवाली सराटी में मनोज जरांगे पाटिल का अनिश्चितकालीन अनशन लगातार जारी है। अनशन के 12वें दिन जरांगे पाटिल की शारीरिक स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें सलाइन चढ़ाया गया।

सलाइन के दौरान ही आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जरांगे पाटिल ने छत्रपति संभाजीनगर में हुई राज्य सरकार की बैठक को लेकर कड़ा हमला बोला और सरकार पर आंदोलन को कुचलने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया।

मेरी भाषा का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से न भागें

मंत्रियों और सत्ताधारियों द्वारा उनकी भाषा शैली को लेकर दिए जा रहे बयानों और सलाह पर कड़ा ऐतराज जताते हुए मनोज जरांगे ने कहा कि सरकार के लोग अब उनकी भाषा का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारियों से भागने का रास्ता तलाश रहे हैं।

उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा, यह रोने वाले लोग सच बताने के लिए तैयार नहीं हैं। मेरी भाषा सिर्फ एक बहाना बनाई जा रही है। मैं जातवान कुणबी हूं। जरांगे ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग मराठा और ओबीसी समुदायों को एक-दूसरे के आमने-सामने खड़ा करके अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का काम कर रहे हैं।

छत्रपति संभाजीनगर की बैठक में षड्यंत्र का आरोप

उद्योग मंत्री उदय सामंत और विधायक प्रसाद लाड द्वारा छत्रपति संभाजीनगर में बुलाई गई बैठक पर निशाना साधते हुए जरांगे ने कहा कि इस बैठक में केवल मराठा आंदोलन को खत्म करने का योजनाबद्ध षड्यंत्र रचा गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार केवल बैठकों का दिखावा कर रही है, जबकि पिछले दो महीनों से उठाई जा रही मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। रद्द किए गए चार जाति प्रमाणपत्रों को वैध करने और हैदराबाद गजट को आधिकारिक रूप से लागू करने को लेकर सरकार कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

एकनाथ शिंदे को चेतावनी और 12 सितंबर का अल्टीमेटम

मनोज जरांगे ने सीधे तौर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मंत्री संजय शिरसाट पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मराठों के प्रमाणपत्र रद्द करने का काम पूर्व-नियोजित तरीके से किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या छत्रपति संभाजीनगर में बैठकर दंगा भड़काने का नियोजन किया जा रहा है। जरांगे ने एकनाथ शिंदे को आगाह करते हुए कहा कि वे मराठों को मराठों के खिलाफ लड़ाने का पाप न करें, अन्यथा इस पूरी परिस्थिति के लिए सीधे तौर पर केवल शिंदे ही जिम्मेदार होंगे।

अंत में राज्य सरकार को अंतिम चेतावनी देते हुए मनोज जरांगे ने कहा कि सरकार को 12 सितंबर तक का समय दिया जा रहा है। यदि इस समयावधि के भीतर सरकार ने मराठा आरक्षण का प्रश्न नहीं सुलझाया, तो 12 सितंबर के बाद मराठा समाज का मुंबई जाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा और वे शांति के रास्ते से मुंबई पहुंचकर अपना हक लेकर ही रहेंगे।

रांची में बड़ा हादसा, भरभराकर गिरी जर्जर पानी टंकी, मलबे में दबे कई मजदूर; एक की मौत

INDIA गठबंधन की तरह विजय ने बनाया सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस, TVK समेत 4 पार्टियां हुईं शामिल

Muzaffarnagar Road Accident: रोडवेज बस ने बाइकों को मारी जोरदार टक्कर, 3 साल की बच्ची समेत 5 की मौत

Explainer: बंगाल में क्यों गरमाई फिश पॉलिटिक्स? जानिए बंगाली अस्मिता, मछली का कनेक्शन और पूरे विवाद की वजह

Red Fort Blast: मदर ऑफ शैतान से हुआ धमाका, कार को ही बना दिया था बम...NIA चार्जशीट में क्या-क्या सामने आया?