

Chandrapur Employment Protest: चंद्रपुर जिले के उद्योगों में स्थानीय युवाओं को 80 प्रतिशत रोजगार देने की प्रमुख मांग को लेकर स्थानीय लोकाधिकार सेना ने सोमवार को चंद्रपुर में महामोर्चा निकाला। गांधी चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक निकाले गए इस मोर्चे को उद्योग मंत्री उदय सामंत ने संबोधित किया।
उन्होंने स्थानीय युवाओं को अधिक रोजगार दिलाने की मांग पर सहमति जताते हुए जल्द अध्यादेश जारी करने का भरोसा दिया। गोमती पाचभाई के नेतृत्व में निकाले गए मोर्चे के दौरान उद्योग मंत्री सामंत ने आंदोलनकारियों से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि जिले के उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित कर स्थानीय युवाओं को उद्योगों में 80 प्रतिशत तक रोजगार देने के संबंध में जल्द ही अध्यादेश जारी किया जाएगा। इसमें स्थानीय युवाओं के लिए नौकरी प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने का प्रावधान भी शामिल रहेगा। इस अवसर पर शिवसेना के वरिष्ठ नेता गजानन कीर्तिकर भी उपस्थित थे। आंदोलनकारियों ने कहा कि चंद्रपुर में कोयला, बिजली और अन्य खनिज संपदा प्रचुर मात्रा में है। इसके आधार पर जिले में बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित हुए हैं।
उद्योगों के लिए स्थानीयों की जमीन ली जाती है, जबकि प्रदूषण और विस्थापन का असर भी स्थानीय लोगों को ही झेलना पड़ता है। इसके बावजूद रोजगार के समय दूसरे राज्यों के मजदूरों को प्राथमिकता दिए जाने का आरोप आंदोलनकारियों ने लगाया। वेकोलि परियोजनाओं में जमीन गंवाने वाले परियोजना पीड़ितों को उसी परियोजना अथवा जिले में रोजगार देने, उन्हें दूसरे जिलों या राज्यों में स्थानांतरित नहीं करने तथा ठेकेदारों के माध्यम से 80 प्रतिशत स्थानीय लोगों की भर्ती सुनिश्चित करने की मांग की गई।
आंदोलनकारियों ने वेकोलि के सीएसआर फंड से चंद्रपुर में स्किल डेवलपमेंट सेंटर शुरू कर स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार देने की मांग भी रखी। इसके अलावा घुग्घुस, चंद्रपुर एमआईडीसी, ग्रोथ सेंटर की औद्योगिक इकाइयों, निजी कोयला खदानों, कोल वॉशरी, सीमेंट उद्योग और पावर स्टेशनों की जांच कर वहां 80 प्रतिशत रोजगार स्थानीयों के लिए लागू करने की मांग की गई। कुछ उद्योगों में कथित कोयला घोघली - की जांच की मांग भी आंदोलनकारियों ने की, महामोर्चे के बाद आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर जिले में उद्योगों के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।