Manoj Jarange Maratha Reservation Protest: मराठा आरक्षण के मुद्दे को लेकर एक बार फिर आंदोलन तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे ने 29 अगस्त को अंतरवाली सराटी में बड़े आंदोलन का आह्वान किया है।
सोमवार शाम छत्रपति संभाजीनगर के एक अस्पताल में उपचार के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मराठा समाज के साथ अन्याय किया जा रहा है और प्रमाणपत्र देने में भी अड़चनें पैदा की जा रही हैं। उन्होंने राज्यभर के मराठा समाज से 29 अगस्त के आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
जरांगे ने कहा कि स्वास्थ्य ठीक नहीं होने की स्थिति में वे मराठवाड़ा दौरे में शामिल नहीं हो पाएंगे। ऐसे में आंदोलन की तैयारी की जिम्मेदारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति को उठानी होगी। उन्होंने लोगों से घर-घर जाकर 29 अगस्त के आंदोलन के लिए समाज बंधुओं को आमंत्रित करने की अपील की।
उनके अनुसार, इस बार आंदोलन को निर्णायक दिशा देने का प्रयास होगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों से समाज ने इंतजार किया है। अब आंदोलन में ठोस और अंतिम निर्णय के बाद ही पीछे हटने की बात कही जाएगी।
मनोज जरांगे ने मराठा आरक्षण के साथ-साथ राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार प्रश्नपत्र लीक होने के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों के भविष्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। जरांगे ने सरकारी स्कूलों की स्थिति पर भी चिंता जताई और सरकार की नीतियों पर निशाना साधा।
उनका आरोप है कि शिक्षा विभाग विद्यार्थियों के हितों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने के बजाय इसे आय का माध्यम बनाने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है, ताकि छात्रों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित भविष्य मिल सके।
मनोज जरांगे ने दावा किया कि राज्य के विभिन्न वंचित और पिछड़े समुदायों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 29 अगस्त को इसी असंतोष को आंदोलन के माध्यम से सामने लाया जाएगा।