लोलेज मेमोरियल इंटर-स्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट के शुभारंभ के दौरान की फोटो (फोटो नवभारत)
छत्रपति संभाजीनगर

छत्रपति संभाजीनगर में लोलेगे स्मृति क्रिकेट टूर्नामेंट का उत्साहपूर्ण शुभारंभ, 20 टीमें दिखाएंगी दमखम

Lolege Memorial Cricket Tournament: छत्रपति संभाजीनगर में लोलेगे स्मृति अंतरशालेय क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। अतुल सावे ने खेल मैदानों के महत्व पर जोर दिया, घावरी ने युवाओं को किया प्रेरित।

शफीउल्ला हुसैनी, आलोक उमाकृष्ण

Cricket Tournament Begins In Sambhajinagar: खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि बच्चों में संघर्ष करने की क्षमता, अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व का गुण विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। मैदान पर हार-जीत होती रहती है, लेकिन अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना और खेल भावना बनाए रखना प्रत्येक खिलाड़ी का सबसे बड़ा दायित्व है।

यह प्रतिपादन राज्य के ओबीसी विकास मंत्री तथा छत्रपति संभाजीनगर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अतुल सावे ने किया। वे स्वर्गीय सुभाष लोलेगे की स्मृति में आयोजित लोलेगे स्मृति अंतरशालेय क्रिकेट प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।

लोलेगे के प्रयासों से शहर को मिला गौरव

अतुल सावे ने स्वर्गीय सुभाष लोलेगे के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने क्रिकेट संघ को मैदान उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर अथक प्रयास किए थे। उनके प्रयासों से शहर को यह सुंदर और सुविधासंपन्न मैदान मिला। मुंबई के बाद छत्रपति संभाजीनगर में इस स्तर का अपना मैदान होना पूरे मराठवाड़ा के लिए गौरव की बात है।

उन्होंने कहा कि सुभाष लोलेगे की क्रीड़ा विरासत को उनके पुत्र विशाल लोलेगे हर वर्ष इस प्रतियोगिता के माध्यम से आगे बढ़ा रहे हैं। यह सराहनीय पहल है। युवा खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए मैदान पर आने वाले समय में आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

क्रिकेट बना बड़ा व्यावसायिक क्षेत्र

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज टेस्ट खिलाड़ी करसन घावरी ने युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि क्रिकेट अब केवल शौक नहीं रह गया है, बल्कि यह बड़ा व्यावसायिक क्षेत्र बन चुका है। युवा खिलाड़ियों को कठोर परिश्रम, अनुशासन और एकाग्रता के साथ खेल में स्वयं को समर्पित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी में जन्मजात प्रतिभा है तो दुनिया की कोई भी ताकत उसे आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। घावरी ने छत्रपति संभाजीनगर के मैदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बताते हुए यहां रणजी ट्रॉफी, 19 वर्ष से कम आयु वर्ग और महिला क्रिकेट के राष्ट्रीय मुकाबले नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि स्थानीय क्रिकेट के विकास, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के लिए वे छत्रपति संभाजीनगर के खिलाड़ियों के लिए सदैव उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने खिलाड़ियों से पूरी लगन के साथ खेलने का आह्वान करते हुए कहा कि देश का उज्ज्वल भविष्य युवा खिलाड़ियों के हाथों में है।

ट्रॉफी एक टीम को, व्यक्तित्व निर्माण सभी का

छत्रपति संभाजीनगर अपर जिलाधिकारी तथा पीएमआरडीए की सहआयुक्त अंजली धानोरकर ने कहा कि स्वर्गीय सुभाष लोलेगे उनके पति के सगे मामा थे। प्रशासनिक सेवा में उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया और क्रिकेट के प्रति उनका विशेष लगाव था। उनके नाम पर आयोजित यह प्रतियोगिता उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता की ट्रॉफी भले ही एक टीम को मिलेगी, लेकिन मैदान पर मिलने वाला अनुशासन, संघर्ष की भावना और खेल भावना प्रत्येक खिलाड़ी के व्यक्तित्व को मजबूत करेगी। खिलाड़ियों को जीत की इच्छा के साथ अच्छा इंसान बनने का संकल्प भी लेना चाहिए।

20 टीमों के बीच होंगे मुकाबले

एडीसीए के सचिव शिरीष बोरालकर ने बताया कि इस वर्ष प्रतियोगिता में 20 टीमों को प्रवेश दिया गया है। अगले वर्ष टीमों की संख्या बढ़ाई जाएगी। शीघ्र ही 19 वर्ष से कम आयु वर्ग और महिला क्रिकेट की अंतरशालेय तथा अंतरमहाविद्यालयीन प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।

उन्होंने बताया कि इसी मैदान पर रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी और महिला अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मुकाबले आयोजित हो चुके हैं। क्रिकेट सत्र की शुरुआत के अवसर पर लोलेगे स्मृति प्रतियोगिता प्रतिवर्ष आयोजित की जाएगी।

बड़ी संख्या में खेलप्रेमी रहे मौजूद

उद्घाटन समारोह में पूर्व टेस्ट खिलाड़ी इकबाल सिद्दीकी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। एडीसीए के उपाध्यक्ष उमेश डबरी, सचिन मुले, कोषाध्यक्ष अनिल इरावणे, सहसचिव करण डोगरा, प्रतियोगिता के मुख्य संयोजक विशाल लोलेगे, राहुल टेकाडे, सय्यद जमशीद सहित संघ के पदाधिकारी, प्रशिक्षक, खिलाड़ी और बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित रहे। विशाल लोलेगे ने आभार व्यक्त किया, जबकि अमृत बिरहाड़े ने संचालन किया।

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