

State Highway Status Demand For Tribal Areas: नंदुरबार, धुले और नासिक जिलों के आदिवासी इलाकों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण नंदुरबार-ठाणेपाड़ा-छड़वेल-ब्राह्मणवेल -कोंडाईबारी-कुडाशी चिवटीबारी-आलियाबाद-कलवण मार्ग को राज्य महामार्ग का दर्जा देने की मांग उठी है।
पूर्व कृषि सभापति शिवाजी आर. भोये ने इस संबंध में नंदुरबार लोकसभा क्षेत्र के सांसद एडवोकेट गोवाल पाडवी और विधान परिषद सदस्य एवं पूर्व शिक्षा मंत्री अमरीशभाई पटेल को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी की मांग की है।
शिवाजी भोये ने कहा कि यह मार्ग नंदुरबार, धुले और नासिक जिलों को सीधे जोड़ने के साथ-साथ बड़े आदिवासी क्षेत्र से होकर गुजरता है। इस वजह से स्थानीय नागरिकों के साथ किसानों, विद्यार्थियों और ग्रामीण आबादी के लिए भी यह महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। क्षेत्र में लगातार बढ़ते आवागमन और यातायात के कारण सड़क पर दबाव बढ़ रहा है।
हालांकि, अपेक्षित दर्जा नहीं मिलने से सड़क के समग्र विकास में कई बाधाएं सामने आ रही हैं। भोये ने कहा कि यदि इस मार्ग को राज्य महामार्ग का दर्जा दिया जाता है, तो सड़क के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण, डामरीकरण और आवश्यक यातायात सुविधाओं के विकास का रास्ता साफ हो सकता है। इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
ज्ञापन में कहा गया है कि नंदुरबार-कलवण मार्ग स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ किसानों, विद्यार्थियों और ग्रामीण आबादी के लिए बेहद महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस सड़क के जरिए आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आसपास के शहरों तथा बाजारों तक पहुंचने में सुविधा मिलती है। बढ़ते आवागमन और लगातार बढ़ रहे यातायात के कारण वर्तमान सड़क व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।
ऐसे में मार्ग के दीर्घकालीन विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही है। सड़क की क्षमता बढ़ाने के साथ इसके चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाना जरूरी है। इससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने के साथ कृषि, शिक्षा और स्थानीय व्यापार से जुड़ी गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।
भोये ने सांसद पाडवी और पटेल से राज्य के सार्वजनिक निर्माण व महामार्ग विभाग के स्तर पर प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने के लिए पाठपुरावा करने की मांग की है। साथ ही केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से चर्चा कर इस मार्ग के विकास के लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है।