Chhatrapati Sambhajinagar Khavalya Pahar Accident: छत्रपति संभाजीनगर शहर से सटे धुले-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे खवल्या पहाड़ पर शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। परिवार के विवाद के बाद एक युवक पहाड़ के खतरनाक किनारे पर पहुंच गया। उसे वापस लाने के लिए मां-बाप ने करीब तीन घंटे तक समझाने का प्रयास किया।
छत्रपति संभाजीनगर पुलिस, अग्निशमन दल और स्थानीय नागरिक भी उसे सुरक्षित नीचे लाने में जुटे रहे। लेकिन दोपहर करीब एक बजे युवक अचानक नीचे गिर गया। उसे बचाने की कोशिश में उसके माता-पिता भी संतुलन खो बैठे और गहरी खदान में जा गिरे। बड़े पत्थरों से टकराने के कारण तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से तिसगांव, देवलाई और सातारा परिसर में शोक की लहर दौड़ गई।
प्रत्यक्षदर्शी और तिसगांव के पूर्व सरपंच संजय जाधव के अनुसार, युवक सुबह करीब 10 बजे खवल्या पहाड़ के ऊपरी हिस्से में पहुंचा था। वह खतरनाक किनारे पर खड़ा था। इसकी जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में पुलिस तथा अग्निशमन दल के जवान भी वहां पहुंच गए।
युवक को सुरक्षित नीचे लाने के लिए लगातार बातचीत की गई। उससे पीछे हटने और नीचे आने की अपील की गई। परिवार के लोग उसे समझाते रहे। मां हाथ जोड़कर बेटे से वापस आने की गुहार लगाती रही, जबकि पिता भी उसे समझाने और सुरक्षित स्थान तक लाने का प्रयास करते रहे।
स्थिति बेहद संवेदनशील होने के कारण बचाव दल ने भी सावधानी बरती। अग्निशमन दल के जवानों ने पहाड़ के नीचे सुरक्षा जाल तैयार रखा था। युवक लगातार अपनी जगह बदल रहा था, जिससे बचाव अभियान और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया।
स्थानीय नागरिक भी दूर से उसे समझाने का प्रयास करते रहे। परिवार की ओर से उसे बार-बार भरोसा दिलाया जा रहा था कि वह नीचे आ जाए। करीब तीन घंटे तक सभी की कोशिश यही रही कि युवक को किसी तरह सुरक्षित नीचे लाया जाए।
दोपहर करीब एक बजे अचानक युवक नीचे गिर गया। उसे गिरते देख मां-बाप उसे बचाने के लिए आगे बढ़े। इसी दौरान दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे भी गहरी खदान में जा गिरे। नीचे मौजूद बड़े पत्थरों से टकराने के कारण तीनों गंभीर रूप से घायल हुए और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
कुछ ही क्षणों में परिवार को बचाने की कोशिश कर रहे लोगों के सामने पूरा घटनाक्रम बदल गया। जिस बेटे को बचाने के लिए मां-बाप सुबह से प्रयास कर रहे थे, उसी हादसे में परिवार के तीनों सदस्यों की जान चली गई।
हादसे के बाद पुलिस, अग्निशमन दल और स्थानीय नागरिकों ने खदान में उतरकर शवों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद तीनों शवों को बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें शासकीय घाटी अस्पताल भेजा गया।
पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक के इस कदम के पीछे पारिवारिक विवाद की बात सामने आ रही है। हालांकि, वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटा रही है।
धुले-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित खवल्या पहाड़ का इलाका ऊंचे और खतरनाक कगारों तथा गहरी पत्थर की खदानों के कारण जोखिम वाला माना जाता है। इस क्षेत्र में पहले भी हादसों और आत्महत्या की घटनाएं सामने आने की बात स्थानीय नागरिकों ने कही है।
शुक्रवार की घटना के बाद खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल फिर उठ खड़े हुए हैं। स्थानीय नागरिकों ने ऐसे स्थानों पर सुरक्षा अवरोध, मजबूत जालियां, चेतावनी संकेत और निगरानी की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
घटना की खबर फैलते ही तिसगांव शहर, देवलाई और सातारा क्षेत्र में मातम छा गया। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की एक साथ मौत से परिजन और परिचित सदमे में हैं। जिस पहाड़ पर शुक्रवार सुबह लोगों की भीड़ एक युवक को समझाकर सुरक्षित नीचे लाने की कोशिश कर रही थी, वहीं कुछ घंटों बाद तीन मौतों की खबर ने पूरे इलाके को झकझोर दिया।
छत्रपति संभाजीनगर पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। युवक ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया और इसके पीछे पारिवारिक परिस्थितियां क्या थीं, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।