डॉ. प्रताप सिंह पाटिल सोर्स- सोशल मीडिया
छत्रपति संभाजीनगर

मराठवाड़ा पदवीधर चुनाव में बड़ा उलटफेर: सतीश चव्हाण को हराकर NCP (SP) के डॉ. प्रतापसिंह पाटील जीते

Marathwada Graduate Constituency Result: मराठवाड़ा पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र में NCP के डॉ. प्रतापसिंह ने दूसरी पसंद के मतों की गिनती के बाद हैट्रिक विजेता चव्हाण को मात देकर ऐतिहासिक जीत हासिल की।

प्रमोद यादव

Highlights

  • मराठवाड़ा पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र में डॉ. प्रतापसिंह पाटील ने जीत दर्ज की।

  • उन्होंने लगातार तीन बार चुनाव जीतने वाले सतीश चव्हाण को पराजित किया।

  • पहली वरीयता के मतों में पाटील को 73,931 और चव्हाण को 60,768 मत मिले थे।

  • निर्धारित जीत का कोटा पूरा नहीं होने के कारण दूसरी वरीयता के मतों की गिनती की गई।

  • मतगणना केंद्र के बाहर DJ बजने पर चुनाव निर्णय अधिकारी ने उसे जब्त करने के आदेश दिए।

Dr Pratap Singh Patil Win: छत्रपति संभाजीनगर में पहली पसंद के मतों में बढ़त, जीत के निधर्धारित कोटे की चुनौती और दूसरी पसंद के मतों की लंबी गिनती। मराठवाड़ा पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव परिणाम आखिरी चरण तक उत्सुकता बढ़ाता रहा। आखिरकार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रत्याशी डॉ. प्रतापसिंह पाटील ने दूसरी पसंद के मतों की गणना के बाद बाजी मार ली।

उन्होंने लगातार तीन बार विधान परिषद का चुनाव जीतने वाले सतीश चव्हाण को पराजित कर दिया। इस परिणाम ने मराठवाड़ा की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। महायुति के समर्थन के बावजूद चव्हाण की हार और डॉ. पाटील की जीत को क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।

मतगणना के शुरुआती चरण में डाक मतों में सतीश चव्हाण को बढ़त मिली थी। लेकिन आगे की गिनती में मुकाबले का रुख बदलने लगा। पहली पसंद के मतों की गणना के तीसरे दौर तक डॉ. प्रतापसिंह पाटील को 73,931 मत मिले, जबकि चव्हाण को 60,768 मत प्राप्त हुए। इस तरह पाटील ने 13,163 मतों की बढ़त हासिल की।

पहली पसंद के मतों में कोई भी प्रत्याशी विजय हासिल नहीं कर सका

निर्दलीय प्रत्याशी रविराज साबले-पाटील को 19,835 मत मिले, जबकि शिवसेना (उबाठा) के प्रत्याशी दिलीप घुगे को 8,439 मत प्राप्त हुए। इस चुनाव की मतगणना सामान्य चुनावों से अलग और अधिक जटिल रही।

पहली पसंद के मतों में कोई भी प्रत्याशी निर्धारित विजय कोटा हासिल नहीं कर सका, तीसरे दौर तक 1,77,115 वैध मतों के आधार पर जीत का कोटा 88,558 निधर्धारित किया गया था। ऐसे में दूसरी पसंद के मतों की गणना जरूरी हो गई।

मतों के हस्तांतरण की प्रक्रिया के चलते मतगणना लंबी खिंची और प्रत्याशियों के समर्थकों को अंतिम घोषणा तक इंतजार करना पड़ा। इसी प्रक्रिया के बाद डॉ. पाटील की जीत सुनिश्चित हुई। सतीश चव्हाण ने वर्ष 2008. 2014 और 2020 में इस निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की थी। लगातार तीन चुनाव जीतने वाला नेता माना जाता था।

चुनाव परिणाम को लेकर राजनीतिक दलों में चर्चा तेज

स्थापित राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के बीच एक निर्दलीय उम्मीदवार को मिला यह समर्थन पदवीधर मतदाताओं के बदलते रुझान की ओर संकेत करता है। चुनाव परिणाम के बाद राजनीतिक दलों की रणनीति और मतदाताओं के रुख को लेकर चचर्चा तेज होने की संभावना है।

मराठवाड़ा पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र में कुल 1.91,689 मतदाताओं ने अपने मताधिकार कर उपयोग किया था। मतगणना में पहली पसंद के मतों से लेकर दूसरी पसंद के मतों के हस्तांतरण तक हर चरण महत्वपूर्ण रहा।

डीजे बजाने पर जस्ती के आदेश तीसरे दौर की मतगणना के बाद भी कोटा पूरा नहीं होने के कारण उम्मीदवारों को बाहर करने की प्रक्रिया जारी थी। इस दौरान डॉ प्रतापसिंह पाटील आगे चल रहे थे व उन्हें जीत की उम्मीद थी।

इसी बीच कुछ उत्साही समर्थकों ने मतगणना केंद्र के बाहर डीजे लगाकर जश्न मनाना शुरू कर दिया। डीजे की आवाज मतगणना केंद्र तक पहुंचने पर चुनाव निर्णय अधिकारी तथा विभागीय आयुक्त जी। श्रीकांत ने तत्काल डीजे जब्त करने के आदेश दिए।

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