Sambhajinagar Fake Marriage Fraud Case: छत्रपति संभाजीनगर जिले में शादी के नाम पर धोखाधड़ी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला ने बिचौलियों की मदद से अपनी ही बेटी की पहचान छिपाकर उसकी फर्जी शादी करा दी। इसके लिए युवती का नाम बदलकर बताया गया और दूल्हे पक्ष के सामने नकली रिश्तेदार भी खड़े किए गए।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने युवती की मां समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी मां ने कथित तौर पर 25 से 30 हजार रुपये के लालच में बेटी की शादी कराने की योजना बनाई। इस योजना में माधव कारभारी वाघ, अंजना राजेंद्र देवरे और राहुल गवा शेलके समेत युवती की मां शीला की भूमिका सामने आई है।
आरोप है कि युवती की असली पहचान छिपाने के लिए उसकी मां ने नासिक जिले की एक महिला को उसकी फर्जी मां और एक व्यक्ति को फर्जी मामा बनाकर दूल्हे पक्ष के सामने पेश किया। युवती को भी अपना नाम बदलकर बताने के लिए मजबूर किया गया।
इसके बाद फर्जी रिश्तेदारों के जरिए दूल्हे पक्ष से कथित तौर पर करीब 2 लाख रुपये लिए गए। पूरी प्रक्रिया को इस तरह अंजाम दिया गया कि युवती की वास्तविक पहचान और पारिवारिक जानकारी सामने न आए।
पहचान बदलने और कथित तौर पर झूठी जानकारी देने के बाद युवती की शादी माणगांव में करा दी गई। शादी के बाद उसे ससुराल भेज दिया गया। वहां पहुंचने के बाद युवती को धीरे-धीरे पूरे मामले की वास्तविकता का पता चला।
युवती ने इसके बाद अमोल कदम और उनके परिवार को भरोसे में लेकर पूरी घटना बताई। परिवार ने उसकी स्थिति को समझा और उसके साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार नहीं किया।
मामले की सच्चाई सामने आने के बाद युवती उपनगर पुलिस थाने पहुंची और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने माधव कारभारी वाघ, अंजना राजेंद्र देवरे, राहुल गवा शेलके और युवती की मां शीला के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि फर्जी शादी की पूरी योजना कैसे तैयार की गई, इसमें प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी और दूल्हे पक्ष से ली गई रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि इस तरह की किसी अन्य शादी या ठगी में भी आरोपियों की संलिप्तता रही है या नहीं।