Maharashtra Devendra Fadnavis Drought Relief Farmers: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों को विश्वास दिलाया कि सूखे से प्रभावित एक भी किसान को उनकी सरकार बेसहारा नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को अंतरिम राहत देने के लिए अगले 2 दिनों में जीआर जारी किया जाएगा। सीएम ने साफ किया कि किसानों को राहत देते समय केवल खरीफ फसलों के नुकसान को ही नहीं, बल्कि रबी सीजन में हुए नुकसान को भी ध्यान में रखा जाएगा।
बुधवार को सीएम फडणवीस ने सूखे से सबसे ज्यादा प्रभावित लातूर जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित किसानों से सीधा संवाद कर वहां के हालात का जायजा लिया। सीएम ने बताया कि लातूर में इससे पहले पड़े सूखे के दौरान करीब 63% बारिश हुई थी, जबकि इस वर्ष सिर्फ 50% बारिश हुई है।
यही हाल धाराशिव जिले का भी है। इस वजह से दोनों जिलों में फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। फडणवीस ने भरोसा दिलाया कि नागरिकों के लिए पीने के पानी और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने पीड़ित किसानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि इस मुश्किल समय में वे हिम्मत न हारें।
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया कि सूखाग्रस्त क्षेत्रों में फसल नुकसान का पंचनामा करना कानूनी प्रावधानों के मुताबिक जरूरी है। इस प्रक्रिया की वजह से किसानों को राहत देने में कोई देरी नहीं होगी। सभी पीड़ित किसानों की सरकार हरसंभव मदद करेगी।
सीएम ने कहा कि मराठवाड़ा में पानी के संकट को हमेशा के लिए दूर करने के लिए सरकार कोल्हापुर और सांगली बचा हुआ पानी उजनी डैम में डालने का प्लान बना रही है, जिससे यह सीधे मराठवाड़ा में आएगा। इस प्रोजेक्ट को लेकर वर्ल्ड बैंक के साथ बातचीत चल रही है और दिसंबर तक एक डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
बुलढाना जिले में सूखे जैसी स्थिति निर्माण हुई है। किसान आर्थिक संकट में फंसे हैं, बारिश के अभाव में खरीफ फसलों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।
इसी बीच संग्रामपुर तहसील के बावनबीर निवासी किसान विशाल मुरुख ने 'मुझे आत्महत्या करने दें, ऐसा खून से लिखा पत्र तहसीलदार के माध्यम से सीएम को भेजा है। मुरुख ने सूखा घोषित कर किसानों को तत्काल आर्थिक मदद देने की मांग की है।