Youth Festival OTT Debate Art Talent: छत्रपति संभाजीनगर शासकीय ज्ञान-विज्ञान महाविद्यालय में शुक्रवार को युवा प्रतिभाओं का ऐसा संगम देखने को मिला, जहां कला के साथ विचारों की भी परीक्षा हुई।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के जिला युवा महोत्सव के पहले दिन सात मंचों पर 18 कला विधाओं में युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
ओटीटी प्लेटफॉर्म को लेकर 90 दलों के बीच हुई जोरदार बहस ने जहां सभागार में वैचारिक गर्मी पैदा की, वहीं फोटोग्राफी, पोस्टर, व्यंग्यचित्र और शास्त्रीय वाद्य प्रस्तुतियों ने परिसर को कला और संस्कृति के रंग में रंग दिया।
वाद-विवाद प्रतियोगिता में ‘ओटीटी प्लेटफॉर्म, कला की अभिव्यक्ति या नैतिक मूल्यों का पतन’ विषय युवाओं के बीच चर्चा का केंद्र रहा। प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि प्रत्येक दल के दो प्रतिभागियों में एक ने विषय के पक्ष में और दूसरे ने विपक्ष में अपने विचार रखे।
इस तरह प्रतिभागियों को केवल भाषण नहीं देना था, बल्कि अपने ही दल के दूसरे वक्ता के तर्कों को चुनौती देने की तैयारी भी करनी थी। प्रतिभागियों ने ओटीटी को कलाकारों और लेखकों के लिए स्वतंत्र मंच बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से नए कलाकारों और क्षेत्रीय सिनेमा को व्यापक दर्शक मिले हैं।
इसके विपरीत वक्ताओं ने अश्लीलता, हिंसा और अभद्र भाषा के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताई। युवाओं ने इसके सामाजिक और मानसिक प्रभावों पर भी तर्क रखे। प्रभावी वक्तृत्व और अध्ययनपूर्ण प्रस्तुति के कारण कई प्रतिभागियों को दर्शकों की जमकर सराहना मिली।
ललितरंग मंच पर स्पॉट फोटोग्राफी प्रतियोगिता में 40 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रकाश और छाया, प्रतिबिंब तथा व्यक्तिचित्रण जैसे विषयों पर युवाओं ने कैमरे के माध्यम से अपनी कल्पनाशक्ति और दृष्टिकोण को सामने रखा। सामान्य दृश्यों को अलग नजरिए से प्रस्तुत करने की कोशिश ने प्रतियोगिता को खास बनाया।
पोस्टर प्रतियोगिता में किसानों की व्यथा, प्राकृतिक आपदा और पर्यावरण तथा परंपरा पर आधुनिक डिजिटल प्रभाव जैसे विषय दिए गए। प्रतिभागियों ने रंगों और रेखाओं के माध्यम से सामाजिक तथा पर्यावरणीय मुद्दों को प्रभावी ढंग से सामने रखा।
वहीं व्यंग्यचित्र प्रतियोगिता में सेल्फी के पीछे खोती युवा पीढ़ी, प्रतिस्पर्धा के दौर में विद्यार्थी और सामाजिक एवं राजनीतिक घटनाक्रम जैसे विषयों पर युवाओं ने व्यंग्यात्मक अंदाज में अपनी बात रखी।
तालरंग मंच पर भारतीय शास्त्रीय तालवाद्य प्रतियोगिता में तबला, ढोलकी, पखावज और डफ जैसे वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियां हुईं। युवा कलाकारों ने ताल और लय का सुंदर संयोजन पेश किया। भारतीय शास्त्रीय सुरवाद्य प्रतियोगिता में बांसुरी और शहनाई सहित विभिन्न वाद्ययंत्रों से कलाकारों ने राग और सुरों की प्रस्तुति दी। संगीत प्रेमियों और विद्यार्थियों ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
छत्रपति संभाजीनगर की शासकीय ज्ञान-विज्ञान महाविद्यालय को 32 वर्ष बाद जिला युवा महोत्सव की मेजबानी मिली है। उद्घाटन समारोह के बाद सभी दल प्रमुखों की बैठक लेकर प्रतियोगिताओं के नियम और आवश्यक निर्देश दिए गए। महोत्सव के संचालन के लिए विभिन्न समितियां सक्रिय हैं और प्रतियोगिताओं के साथ प्रतिभागियों की अन्य व्यवस्थाओं पर भी नजर रखी जा रही है।
शनिवार को सृजनरंग मंच पर लोक एवं आदिवासी नृत्य तथा लोक वाद्यवृंद की प्रस्तुतियां होंगी। तालरंग पर भारतीय शास्त्रीय गायन और नाट्यसंगीत, नादरंग पर भारतीय सुगम गायन तथा ललितरंग पर इंस्टॉलेशन, चित्रकला और मृदमूर्तिकला प्रतियोगिताएं होंगी।
कलारंग पर प्रहसन और शब्दरंग मंच पर वाद-विवाद तथा मौखिक प्रश्नमंजुषा प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिताओं का सिलसिला सुबह से शाम तक चलेगा। दूसरे दिन भी परिसर में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, कलाकार, शिक्षक और कला प्रेमियों के पहुंचने की उम्मीद है।