शेयर बाजार ठगी सोर्स: सोशल मीडिया
छत्रपति संभाजीनगर

छत्रपति संभाजीनगर में शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का झांसा, 15 लाख की ऑनलाइन ठगी; WhatsApp ग्रुप से बनाया शिकार

Sambhajinagar Cyber Fraud Scam: छत्रपति संभाजीनगर में 60 वर्षीय पर्यावरण सलाहकार से शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का झांसा देकर करीब 15 लाख की ऑनलाइन ठगी का मामला दर्ज हुआ है।

शफीउल्ला हुसैनी, मनीषा बोंदरे

Sambhajinagar Share Market Fraud Cyber Crime: छत्रपति संभाजीनगर में शेयर बाजार में भारी मुनाफे का झांसा देकर 60 वर्षीय पर्यावरण सलाहकार से करीब 15 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने WhatsApp ग्रुप में जोड़कर निवेश कराया और बाद में रकम निकालने के लिए अतिरिक्त पैसे मांगे।

WhatsApp ग्रुप से शुरू हुआ ठगी का खेल

छत्रपति संभाजीनगर में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। दिशानगरी निवासी 60 वर्षीय पर्यावरण सलाहकार दीपक श्रीनिराव संघई से आरोपियों ने कथित तौर पर करीब 15 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी की। पहले उन्हें निवेश पर लाभ दिखाकर भरोसा जीता गया और बाद में बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया।

पुलिस शिकायत के अनुसार, 31 जुलाई 2026 को संघई को ‘ब्राइट फ्यूचर-202’ नामक WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद उन्हें ‘VIP-169’ नामक दूसरे ग्रुप में शामिल किया गया। यहां शेयर खरीदने-बेचने और अधिक मुनाफा कमाने से संबंधित संदेश भेजे जाते थे।

वेबसाइट पर कराया रजिस्ट्रेशन

आरोपियों ने संघई को एक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा। रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें यूजरनेम और पासवर्ड उपलब्ध कराया गया और इसी माध्यम से शेयरों की खरीद शुरू कराई गई।

शुरुआत में कुछ शेयर खरीदने के बाद उनके ऑनलाइन खाते में मुनाफा दिखाई दिया। खाते में बढ़ती रकम देखकर उन्हें निवेश की प्रक्रिया पर भरोसा हो गया। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग चरणों में करीब 17 लाख रुपए के शेयर खरीदने के लिए प्रेरित किया।

90.45 लाख के शेयर आवंटित होने का दावा

शिकायत के अनुसार, इसके बाद संघई को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के IPO के शेयर 518 रुपए प्रति शेयर की दर से खरीदने के लिए कहा गया। उन्हें बताया गया कि उनके नाम करीब 90.45 लाख रुपए मूल्य के शेयर आवंटित हुए हैं।

इन शेयरों को प्राप्त करने के लिए उनसे करीब 42 से 45 लाख रुपए अतिरिक्त जमा करने को कहा गया। जब उन्होंने निवेश की रकम निकालने की कोशिश की तो पूरी राशि नहीं दी गई। आरोपियों ने करीब डेढ़ लाख रुपए लौटाए और शेष रकम निकालने के लिए और पैसे जमा करने को कहा।

पैसे नहीं दिए तो धमकी

संघई ने जब अतिरिक्त रकम देने में असमर्थता जताई तो आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें कर्ज दिलाने का प्रलोभन दिया। कर्ज लेने से इनकार करने के बाद लगातार फोन कर आर्थिक दंड और कानूनी कार्रवाई की धमकी दिए जाने का आरोप है।

इसके बाद संघई को अपने साथ ऑनलाइन ठगी होने का संदेह हुआ। उन्होंने 7 सितंबर को राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर सातारा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने सान्वी वाधवा को WhatsApp ग्रुप की कथित संचालक के रूप में नामजद किया है। अन्य नंबरों के उपयोगकर्ताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सहायक पुलिस निरीक्षक शैलेश देशमुख मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस WhatsApp ग्रुप, वेबसाइट, बैंक खातों और संबंधित लेनदेन की पड़ताल कर रही है।

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